7 लाख की चरस के साथ बिहार का तस्कर गिरफ्तार
वाराणसी( जनवार्ता) । एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। टीम ने बिहार से चरस की अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले एक आरोपी को 2 किलो 500 ग्राम चरस के साथ धर दबोचा, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विनोद कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वह बिहार के मधुबनी जिले के गंधवार थाना क्षेत्र का मूल निवासी है, लेकिन हाल के महीनों में वाराणसी के भेलूपुर इलाके में मकान संख्या एन-16/110, विनायका में रहकर यह अवैध धंधा संचालित कर रहा था।
पुलिस को पूर्वांचल क्षेत्र में बिहार से चरस की तस्करी की कई सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इसी आधार पर एएनटीएफ टीम ने लंबे समय से संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखी। एक विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर भेलूपुर निवासी विनोद पर शक हुआ और गहन जांच के बाद उसका तस्कर होना पुख्ता हुआ।
बीती रात पद्मश्री चौराहे से करीब 50 मीटर पहले, मिन्ट गार्डन के सामने एएनटीएफ टीम ने आरोपी को पकड़ा। उसके पास टीवीएस स्कूटी थी, जिसमें डिग्गी में छिपाकर रखी 2.5 किलोग्राम चरस बरामद की गई। इस सफल ऑपरेशन का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर आदित्य नारायण सिंह ने किया।
पूछताछ में विनोद ने स्वीकार किया कि वह कई महीनों से बिहार के एक अज्ञात व्यक्ति से चरस प्राप्त कर वाराणसी लाता था। यहां इसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक करके स्थानीय स्तर पर बेचता था। तस्करी का पूरा काम स्कूटी से ही अंजाम दिया जाता था, जिसमें वह बार-बार बिहार से वाराणसी आता-जाता रहता था। मिलने वाले पैसे से वह अपना निजी खर्च चलाता था।
एएनटीएफ टीम अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है। इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ा दिया है।
वाराणसी पुलिस और एएनटीएफ का यह अभियान क्षेत्र में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने की दिशा में एक सराहनीय और निर्णायक कदम साबित हुआ है, जो पूर्वांचल में बढ़ते नशे के खतरे को रोकने में मददगार होगा।

