गंगा में इफ्तार विवाद को लेकर भाजयुमो नेता को मिली जान से मारने की धमकियां
वाराणसी (जनवार्ता)। गंगा नदी में नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी का मामला अब और गरमा गया है। इस घटना में शिकायत दर्ज कराने वाले भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के वाराणसी महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल को अब जान से मारने की खुली धमकियां मिल रही हैं।

कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिखाया गया था कि गंगा के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी हो रही है, जिसमें चिकन बिरयानी परोसी गई और उसके अवशेष (हड्डियां आदि) नदी में फेंके गए। रजत जायसवाल ने इस आधार पर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने 14 युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, सार्वजनिक उपद्रव, जल प्रदूषण और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है, और उन्हें 1 अप्रैल तक जेल में रखा गया है।
शिकायत के बाद रजत जायसवाल को विभिन्न माध्यमों से धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आए, जिनमें पाकिस्तानी पंजाबी में गालियां दी गईं और जान से मारने की बात कही गई। सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए भी धमकियां मिल रही हैं, जिसमें उनके और परिवार को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है। रजत ने मॉब लिंचिंग की आशंका जताई है, क्योंकि उनका घर मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित है।
इसके जवाब में रजत जायसवाल ने सिगरा थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अब धमकियों की जांच कर रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय नंबरों और ईमेल आईडी को ट्रेस करने का प्रयास जारी है। रजत ने पूरी जानकारी डीसीपी काशी जोन-3 गौरव बंसवाल को भी सौंपी है। उन्होंने कहा है कि प्रशासन और पुलिस उनका पूरा सहयोग कर रही है तथा जांच तेजी से चल रही है।
यह घटना वाराणसी में तनाव का माहौल पैदा कर रही है। एक तरफ गंगा में नॉनवेज खाने और अवशेष फेंकने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है, तो दूसरी तरफ शिकायतकर्ता को मिल रही धमकियां। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की स्वतंत्र जांच की जा रही है, और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

