चैत्र नवरात्रि 2026: एक नहीं, तीन शुभ मुहूर्त; अमावस्या में होगी कलश स्थापना
वाराणसी, (जनवार्ता)।इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग के साथ प्रारंभ हो रही है। लगभग नौ दशक बाद ऐसी स्थिति बनी है, जब प्रतिपदा तिथि के क्षय के कारण अमावस्या तिथि में ही कलश स्थापना की जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग अत्यंत विशेष और शुभ फलदायी माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि हिंदू नववर्ष के पहले दिन प्रतिपदा तिथि का अभाव रहेगा, जिसके चलते नवरात्रि का आरंभ पुराने वर्ष में ही हो जाएगा। इसी वजह से कलश स्थापना के लिए इस बार एक नहीं, बल्कि तीन-तीन शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जिससे श्रद्धालु अपनी सुविधा अनुसार पूजा प्रारंभ कर सकेंगे।
धार्मिक नगरी वाराणसी में इस दौरान पारंपरिक नौ गौरी पूजन की विशेष परंपरा निभाई जाएगी। मंदिरों और घरों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना होगी।
पंचांग के अनुसार, नवरात्रि के प्रमुख पर्वों में अष्टमी 26 मार्च और नवमी 27 मार्च को पड़ेगी। इसी दिन रामनवमी का उत्सव भी मनाया जाएगा, जिससे इस बार का नवरात्रि पर्व और भी अधिक खास हो गया है।
धार्मिक दृष्टि से यह नवरात्रि साधना, सिद्धि और शक्ति आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दुर्लभ संयोग में की गई पूजा-अर्चना विशेष फल प्रदान कर सकती है।


