मदरसा खानम जान में सामूहिक रोजा इफ्तार, विभिन्न समुदायों ने एक साथ तोड़ा रोजा
वाराणसी (जनवार्ता): काशी की सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब एक बार फिर चमक उठी, जब अर्दली बाजार स्थित मदरसा खानम जान में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शहाबुद्दीन लोदी के संयोजन में सामूहिक रोजा इफ्तार का भव्य आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम सहित विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक ही दस्तरखान पर बैठकर इफ्तार किया, जिसने शहर की भाईचारे और सौहार्द की अनुपम पहचान को मजबूती से प्रदर्शित किया।


मगरिब की अजान के गूंजते ही सभी ने खजूर और शरबत से अपना रोजा खोला। इसके बाद स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हुए उपस्थितजन ने हर समुदाय की खुशहाली, आपसी एकता, अमन और शांति के लिए दिली दुआएं मांगीं। रमजान के इस पवित्र महीने में दुआओं की कबूलियत का यह विशेष समय होता है, जहां दिन भर की इबादत के बाद अल्लाह का शुक्र अदा किया जाता है।

मगरिब की नमाज मौलाना कारी शाकिब अली ने अदा कराई। इस अवसर पर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, पूर्व सांसद कैलाश सिंह यादव, पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू, प्रजानाथ शर्मा, हसन मेहंदी कब्बन सहित कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां शामिल हुईं।
कार्यक्रम में अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इरफाना यासमीन दानिश शहाब ने किया। यह आयोजन काशी की उस अनमोल विरासत का प्रतीक बना, जहां गंगा और यमुना की तरह अलग-अलग संस्कृतियां मिलकर एक सुंदर और मजबूत समाज की तस्वीर रचती हैं। ऐसे कार्यक्रम शहर में सद्भावना और एकजुटता की मिसाल पेश करते हैं।

