वाराणसी उत्तरी में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस का तीखा हमला
‘वोट जिहाद’ टिप्पणी पर निंदा, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र (388) में चल रहे मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के द्वितीय चरण में गंभीर अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के आरोप लगाते हुए महानगर कांग्रेस कमेटी ने जिला प्रशासन पर निशाना साधा है। एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी की उपस्थिति में एडीएम (सप्लाई) को विस्तृत ज्ञापन सौंपा और प्रक्रिया में पारदर्शिता व निष्पक्षता की मांग की।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि 451 बूथों पर एसआईआर के बाद प्रकाशित अंतिम सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हैं। पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, जबकि प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूर्ण अभाव है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। चौबे ने प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा ‘वोट जिहाद’ जैसे शब्दों के प्रयोग की कड़ी निंदा की और इसे काशी की गंगा-जमुनी तहजीब पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार है, तो ऐसी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी सीधे सत्ताधारी दल की बनती है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि SIR की प्रक्रिया तत्काल पारदर्शी व दबाव-मुक्त बनाई जाए। किसी मतदाता का नाम बिना ठोस कारण व वैधानिक प्रक्रिया के न काटा जाए, न ही राजनीतिक/धार्मिक आधार पर जोड़ा जाए। साथ ही पूरे एसआईआर कार्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया अभी अधूरी है, फिर भी 6 फरवरी को समाप्त दिखाया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार एक माह का अतिरिक्त समय मिलना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में फसाहत हुसैन बाबू, अशोक सिंह, हसन मेहदी कब्बन, लोकेश सिंह, संतोष चौरसिया सहित कई कांग्रेस नेता शामिल थे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में काशीवासी लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए एकजुट होंगे।

