बीएचयू में संविदा कर्मचारियों का धरना जारी, कांग्रेस ने दिया समर्थन
प्रशासन पर असंवेदनशीलता का आरोप, नियमितीकरण की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का धरना सोमवार को भी मधुबन पार्क में जारी रहा। वर्षों से विश्वविद्यालय की सेवा कर रहे इन कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को असंवेदनशील बताया।

धरनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और जिला अध्यक्ष राजेश्वर पटेल के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज ठहराया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने वीडियो कॉल के माध्यम से कर्मचारियों से बातचीत की और आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीएचयू प्रशासन कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा, “10 से 40 वर्ष तक सेवाएं देने वाले कर्मचारियों का नियमितीकरण लंबित है, लेकिन इसके बजाय प्रशासन नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर उनके भविष्य के साथ अन्याय कर रहा है।”
इससे पहले समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा और पार्षद वरुण सिंह भी धरनास्थल पहुंचकर कर्मचारियों का समर्थन कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की थी।
धरने पर बैठे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा, “हमने दशकों तक विश्वविद्यालय की सेवा की है, फिर भी हमें प्राथमिकता नहीं दी जा रही। नई भर्ती से पहले हमारे नियमितीकरण का मामला सुलझाया जाए।”
प्रतिनिधिमंडल में फसाहत हुसैन, घनश्याम सिंह, हसन मेहदी, सुनील राय, रोहित दुबे, अजय सिंह, हिमांशु सिंह, परवेज खान, याशीन राईन आदि शामिल रहे।
कर्मचारियों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।

