दालमंडी : बुलडोजर रफ्तार पर
187 दुकानें-मकान ध्वस्त
वाराणसी (जनवार्ता) । ऐतिहासिक दालमंडी बाजार में सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई ने सोमवार को तेज गति पकड़ ली है। काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 तक तीर्थयात्रियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चल रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संकरी गलियों में बुलडोजर पहुंचाकर ध्वस्तीकरण का काम जोर-शोर से किया जा रहा है।


यह प्रोजेक्ट 650 मीटर लंबी दालमंडी सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा करने का है, जिसमें 10 मीटर का कारिजवे, दोनों तरफ फुटपाथ, अंडरग्राउंड यूटिलिटीज और हेरिटेज स्टाइल लाइटिंग शामिल की जाएंगी। इसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 224 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई से कुल 187 भवन और दुकानें प्रभावित हैं। अब तक 20 से 25 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, कुछ मालिकों ने स्वयं अपनी इमारतें हटा ली हैं, जबकि शेष पर बुलडोजर से तेजी से काम चल रहा है।
पिछले कुछ दिनों तक मजदूर हथौड़े और छेनी से इमारतें तोड़ रहे थे, लेकिन गलियां साफ होने के बाद सोमवार को बुलडोजर की एंट्री हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 3 जनवरी के निर्देशों के बाद इस काम में तेजी आई है। इलाके में भारी पुलिस और प्रशासनिक बल तैनात है। कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों का विरोध भी देखा गया, लेकिन प्रशासन मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया को जारी रखे हुए है।
यह अभियान काशी विश्वनाथ धाम के आसपास बढ़ती तीर्थयात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। संकरी गलियां, जो कई जगह सिर्फ 3-4 मीटर चौड़ी हैं, यातायात, एम्बुलेंस और आपात सेवाओं के लिए बड़ी बाधा बन रही थीं। चौड़ीकरण के बाद ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और चल रहे माघ मेला 2026 के दौरान तीर्थयात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
दालमंडी के दुकानदारों और निवासियों में हड़कंप मचा हुआ है। कई परिवार इस कार्रवाई से प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन का दावा है कि सभी प्रभावितों को उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। यह कदम वाराणसी को और अधिक आधुनिक तथा तीर्थयात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

