उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
विकास योजनाओं की समीक्षा की
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास कार्यों एवं योजनाओं की विस्तृत प्रगति समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।


श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प के अनुरूप ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की दीदियों को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर विशेष बल दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि वाराणसी जनपद में लखपति दीदी का लक्ष्य वर्ष में एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख तक पहुंचाया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान में जिले में लगभग 1.48 लाख स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप आयोजित कर पात्र दिव्यांग एवं विधवा महिलाओं को आवास योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इन कैंपों में मुख्य चिकित्साधिकारी की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि पात्रता की जांच नियमों के अनुसार हो सके।
बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया कि जिले में निर्मित बारात घरों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाए, जिससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें। साथ ही उचित किराया निर्धारित कर उनका व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। जहां बारात घरों की आवश्यकता है, वहां उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर सीएसआर फंड से निर्माण कराने की कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए गए।
श्री मौर्य ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के उपलब्ध बजट का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने तथा सभी विकास कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर जोर दिया। विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि के प्रस्तावों को **45 दिनों** के भीतर शुरू कराने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सभी विभाग समन्वय से कार्य करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

