महावीर जयंती की बंदी के बावजूद खुली मीट-मांस-मछली-मुर्गा की दुकानें, पुलिस की भूमिका पर सवाल
वाराणसी (जनवार्ता)। पावन महावीर जयंती के अवसर पर नगर निगम द्वारा जारी पूर्ण बंदी के आदेश के बावजूद लोहता क्षेत्र में मीट, मांस, मछली और मुर्गे की कई दुकानें मंगलवार को खुली रही। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी पर स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

नगर निगम वाराणसी ने महावीर जयंती (31 मार्च) को अहिंसा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे नगर निगम क्षेत्र में मांस-मछली-मुर्गा की सभी दुकानों तथा बूचड़खानों को बंद रखने के सख्त आदेश जारी किए थे। इनमें सार्वजनिक स्थानों पर बिक्री पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोहता थाना क्षेत्र में दुकानें खुलेआम चल रही थीं। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के नौ दिनों में भी लोहता क्षेत्र की कई दुकानें बंद नहीं हुईं। अष्टमी के दिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने घमरिया कस्बे में जाकर मात्र चार-पांच दुकानें बंद कराईं, लेकिन उसके बाद स्थिति फिर सामान्य हो गई।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “नगर आयुक्त के आदेश की कॉपी लोहता थाना तक पहुंचती ही नहीं लगती। उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन कराने में पुलिस नाकाम नजर आ रही है। इसमें कुछ न कुछ गड़बड़ी जरूर है।”
नवरात्रि के दौरान भी बंदी के आदेशों की अनुपालन न होने पर सवाल उठे थे, लेकिन महावीर जयंती जैसे महत्वपूर्ण जैन त्योहार पर भी यही स्थिति बनी रहना चिंता का विषय बन गया है।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, लेकिन लोहता जैसे कुछ क्षेत्रों में इसका क्रियान्वयन कमजोर रहा। लोहता थाना प्रभारी से जब इस संबंध में प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने तत्काल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
यह घटना वाराणसी जैसे धार्मिक नगरी में प्रशासनिक आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतियों को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने उच्च स्तर पर जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में धार्मिक त्योहारों पर जारी आदेशों की अनदेखी न हो।

