बनारस के बिजली कर्मियों ने निजीकरण के खिलाफ 349वें दिन भी किया जोरदार प्रदर्शन
वाराणसी । विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजली के निजीकरण के खिलाफ चल रहे आंदोलन के 349वें दिन मंगलवार को बनारस के बिजली कर्मियों ने जबरदस्त विरोध जताया। मडुआडीह, कज्जाकपुरा, लेढूपुर, पहड़िया, चौकाघाट, चिरईगांव सहित विभिन्न बिजली कार्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन हुए।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने दौरा कार्यक्रम के तहत कज्जाकपुरा स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचकर कर्मियों को जागरूक किया। बुधवार को इमिलियाघाट में इसी तरह का कार्यक्रम होगा। वक्ताओं ने कहा कि सुधार के नाम पर निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
वक्ताओं ने ऊर्जा प्रबंधन पर प्रदेश की बिजली व्यवस्था चौपट करने का आरोप लगाया। पूर्वांचल डिस्कॉम के फायदे में होने के बावजूद निजीकरण की कोशिश और मेरठ में फेल वर्टिकल व्यवस्था को लखनऊ में थोपने की निंदा की। राजधानी की बिजली व्यवस्था बचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
लखनऊ में 5606 पद समाप्त, संविदा कर्मियों पर सबसे बड़ी मार
रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर लेसा में 5606 पद समाप्त करने के खिलाफ लखनऊ में शक्ति भवन मुख्यालय पर सैकड़ों बिजली कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति ने बताया कि सबसे बड़ा झटका संविदा कर्मियों को लगा है। 15 मई 2017 के आदेश के अनुसार लेसा के 154 उपकेंद्रों पर 5544 संविदा कर्मी होने चाहिए थे, लेकिन नई व्यवस्था में केवल 2239 रह जाएंगे। इस तरह 3305 संविदा कर्मी एक झटके में बेरोजगार हो जाएंगे।
इसके अलावा अधीक्षण अभियंता के 4, अधिशासी अभियंता के 17, सहायक अभियंता के 36, जूनियर इंजीनियर के 155 और टीजी-2 के 1517 पद भी समाप्त किए गए हैं। अन्य संवर्गों में भी भारी कटौती हुई है।
संघर्ष समिति ने कहा कि बिना कर्मियों से विचार-विमर्श किए निजीकरण की पृष्ठभूमि बनाने के लिए पद समाप्त किए जा रहे हैं, जिससे सभी वर्गों में भारी आक्रोश है।
प्रदर्शन को नवदीप सैनी, अंकुर पाण्डेय, रामाशीष कुमार, जमुना पाल, पंकज यादव, बृजेश यादव, दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार, अनुराग मौर्य, अरविंद कौशानंदन, मनोज यादव, मनोज जैसवाल, नागेंद्र कुमार आदि ने संबोधित किया।
सभा के अंत में दिल्ली के लालकिले के पास हुए विस्फोट में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की गई।

