चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि
अमर क्रांतिकारी को याद कर युवाओं से देशभक्ति की अपील
वाराणसी (जनवार्ता) : महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर केंद्रीय कारागार, वाराणसी में उनकी प्रतिमा पर धूप-दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संघ के पदाधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने वहां पहुंचकर उन्हें गहन श्रद्धांजलि अर्पित की।


कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संघ प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव, सनत कुमार सिंह, कृपाल कुमार पाण्डेय, लवलेश सिंह, गुलाम दस्तगीर, संतोष राय, शिवपूजन सिंह, अखिलेश सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल हुए।
सनत कुमार सिंह ने अपने संबोधन में याद दिलाया कि 27 फरवरी 1931 को महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद ने इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) के अल्फ्रेड पार्क में ब्रिटिश पुलिस से अकेले मुकाबला किया और मातृभूमि के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कभी जीवित पकड़े जाने का संकल्प नहीं लिया और अंतिम गोली खुद पर चलाकर ‘आजाद’ ही रहे।
उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के कुछ प्रसिद्ध उद्धरणों का जिक्र किया, जैसे:
“दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे!”
तथा
“ऐसी जवानी का कोई महत्व नहीं, जो अपनी मातृभूमि के लिए काम न आ सके।”
सनत कुमार सिंह ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे इन प्रेरक उद्धरणों से प्रेरणा लेकर देशभक्ति की भावना को अपने जीवन में उतारें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

