खाद्यान्न घोटाले में फरार कोटेदार को ईओडब्ल्यू ने किया गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता): पुराने वर्षों के एक बड़े खाद्यान्न घोटाले में आखिरकार कार्रवाई तेज हो गई है। आर्थिक अपराध अनुभाग (ईओडब्ल्यू), वाराणसी ने जौनपुर जिले के महराजगंज विकास खंड से जुड़े संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत हुए खाद्यान्न घोटाले के एक वांछित आरोपी कोटेदार को आज गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला वर्ष 2004-05 का है, जब केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रूप से संचालित संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत महराजगंज ब्लॉक के विभिन्न गांवों में ग्रामीण विकास कार्य कराए जाने थे। मजदूरों को काम के बदले खाद्यान्न (मुख्य रूप से चावल) वितरित किया जाना था। लेकिन अभियुक्तों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी मस्टर रोल तैयार किए और पात्र मजदूरों को खाद्यान्न नहीं दिया। इसके बजाय चावल की कालाबाजारी कर लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
इस घोटाले के खिलाफ वर्ष 2013 में थाना महराजगंज, जौनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी श्यामरथी पुत्र जगनंदन, निवासी ग्राम राजेपुर मंझनपुर, थाना सुजानगंज, जौनपुर को शनिवार को दोपहर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने यह सफलता हासिल की। टीम में ईओडब्ल्यू के निरीक्षक सहजानंद श्रीवास्तव, निरीक्षक राकेश सिंह, निरीक्षक बृजेश और मुख्य आरक्षी रोहित सिंह शामिल थे। अभियुक्त को गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
ईओडब्ल्यू की जांच में यह घोटाला उत्तर प्रदेश के पुराने खाद्यान्न वितरण घोटालों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जिसमें ग्रामीण रोजगार योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। इस गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुराने लंबित मामलों में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

