संकष्टी चतुर्थी पर बड़ा गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
संतान की लंबी आयु की कामना के साथ की पूजा
वाराणसी (जनवार्ता) : माघ मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी यानी संकष्टी चतुर्थी (जिसे सकट चौथ, तिलकुट चौथ और वक्रतुंडी चतुर्थी भी कहा जाता है) पर मंगलवार को लोहटिया स्थित प्रसिद्ध बड़ा गणेश मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की सर्दी और कोहरे के बावजूद आस्था ने ठंड पर भारी पड़ते हुए भक्तों को घरों से बाहर खींच लिया। नववर्ष की पहली गणेश चतुर्थी होने के कारण शहर के अन्य गणेश मंदिरों में भी दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।

संतान प्राप्ति और उनकी दीर्घायु की कामना लेकर व्रत रखने वाली महिलाएं परिवार सहित सुबह-सुबह मंदिर पहुंचीं। बड़ा गणेश मंदिर के बाहर अखबार स्टैंड तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही, जबकि मंदिर की ओर जाने वाली गलियां और डीएवी कॉलेज रोड भक्तों से पूरी तरह भर गए। मंदिर में भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की गई और भक्तों ने विधि-विधान से आरती उतारी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा से सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन व्रत रखकर चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। बड़ा गणेश मंदिर की स्वयंभू त्रिनेत्र गणेश प्रतिमा के दर्शन मात्र से भक्तों की बाधाएं दूर होने की मान्यता है, जिस कारण यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।

