“हिम्मत है तो गिरफ्तार कर लो “आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने पुलिस को दी खुली चुनौती
वाराणसी (जनवार्ता) : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मणिकर्णिका घाट विवाद में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए वाराणसी पुलिस प्रशासन को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वे वाराणसी में ही मौजूद हैं और पुलिस कमिश्नर को संदेश दिया जाए कि जिस ‘अपराधी’ की तलाश है, वह खुलेआम शहर में घूम रहा है। अगर जरा भी हिम्मत या साहस है तो गिरफ्तार करके दिखाएं।

यह विवाद वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों और वीडियो में आरोप लगे थे कि घाट पर प्राचीन शिवलिंग, मूर्तियां और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने इन सामग्री को भ्रामक या एआई-जनरेटेड बताते हुए जनवरी 2026 में संजय सिंह, पप्पू यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं। इनमें अफवाह फैलाने, धार्मिक भावनाएं भड़काने जैसी धाराएं लगाई गईं। पुलिस ने नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने को कहा था, लेकिन संजय सिंह ने इसे सच्चाई छिपाने की कोशिश करार दिया और दावा किया कि उनके द्वारा साझा सामग्री वास्तविक है तथा प्रत्यक्ष साक्ष्यों पर आधारित है।
संजय सिंह ने पप्पू यादव की हालिया गिरफ्तारी को निंदनीय बताते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या और प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से जनसेवा में लगे जनप्रतिनिधियों को इस तरह दबाया जा रहा है क्योंकि सरकार आलोचना से डरती है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी के कुछ बयानों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की भाषा और सोच जनता के प्रति असंवेदनशील हो गई है। विकास के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है और हादसों पर जिम्मेदारी लेने के बजाय बयानबाजी की जा रही है।
संजय सिंह ने दो टूक कहा कि जेल जाना पड़े तो भी सच बोलना और अन्याय के खिलाफ खड़े रहना नहीं छोड़ेंगे। आम आदमी पार्टी ऐसे हथकंडों से नहीं झुकेगी। उन्होंने दावा किया कि वे भागने वालों में नहीं हैं और सच के लिए डटे रहेंगे।

