काशी में इफ्तार विवाद: गंगा-जमुनी तहजीब पर उठे सवाल
वाराणसी, (जनवार्ता)। धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा के बीच आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ युवाओं द्वारा भोजन के अवशेष गंगा नदी में फेंके गए, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई।


घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इसे आस्था से जुड़ी भावनाओं के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे काशी की सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब पर आघात करार दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संज्ञान लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही गंगा की स्वच्छता और धार्मिक मर्यादा का पालन करने की भी बात कही गई है।

