विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत शिल्पकारों के लिए प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत जनपद वाराणसी में पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के कौशल उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शुक्रवार को रोहनिया क्षेत्र के कोरौत में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र द्वारा आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना न केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है, बल्कि पारंपरिक कारीगरों की विरासत को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप ढालने का प्रभावी माध्यम है। यह योजना श्रमिकों के कौशल संवर्धन के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, जिससे जनपद की आर्थिक संरचना और मजबूत होगी।
प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम का संचालन यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) द्वारा किया जा रहा है। इस मौके पर संयुक्त उपायुक्त उद्योग मोहन कुमार शर्मा, जिला उपायुक्त उद्योग अजय कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह योजना पारंपरिक ट्रेड्स जैसे बढ़ई, दर्जी, लोहार, कुम्हार आदि से जुड़े कारीगरों को निशुल्क प्रशिक्षण, टूलकिट और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे वे आधुनिक चुनौतियों का सामना कर सकें।

