नदेसर पीसीएफ प्लाजा में भीषण आग
छह से अधिक दुकानें जलकर राख, करोड़ों का नुकसान
वाराणसी (जनवार्ता): नदेसर क्षेत्र के व्यस्त व्यावसायिक परिसर पीसीएफ प्लाजा में सोमवार सुबह लगी भीषण आग ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा की कमी को उजागर कर दिया। प्रथम तल (ग्राउंड फ्लोर) पर स्थित छह से अधिक दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जबकि दुकानदारों का अनुमान है कि कुल नुकसान एक करोड़ रुपये से अधिक का है। सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई।


फायर ब्रिगेड के अनुसार, आग का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। चेतगंज फायर स्टेशन प्रभारी दीपक सिंह ने बताया कि एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग तेजी से फैल गई। लगभग दो घंटे की लगातार मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
घटना सुबह के समय हुई, जब ज्यादातर दुकानें अभी खुली नहीं थीं। इसी कारण दुकानदार और कर्मचारी समय पर बाहर निकल सके। आग मुख्य रूप से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल एक्सेसरीज़, अर्थिंग सामग्री और इलेक्ट्रिकल वायर से संबंधित दुकानों में लगी, जो पूरी तरह नष्ट हो गईं।
दुकानदारों ने भवन की बिजली व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राउंड फ्लोर पर पुराने, खुले और कटे हुए तारों का जाल फैला हुआ है। कई दुकानें रात भर सीसीटीवी कैमरे चलाने के लिए बिजली ऑन रखती हैं, जिससे ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
तीन मंजिला पीसीएफ प्लाजा में 100 से अधिक दुकानें और ऑफिस हैं, जिसमें उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम का कार्यालय भी शामिल है। आग के दौरान पूरे भवन में घना धुआं भर गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग भी घबरा गए।
सोलर सामग्री विक्रेता राजन ने बताया, “सुबह बिल्डिंग में प्रवेश किया तो चारों ओर धुआं ही धुआं था। ऑफिस खोलते ही अंदर धुआं भरा मिला, हम तुरंत बाहर भागे।” अर्थिंग दुकान के कर्मचारी गोविंद यादव ने कहा, “दुकान का पूरा सामान जलकर राख हो गया।”
फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाने का अभियान चलाया। इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों की मांग है कि प्रशासन व्यावसायिक भवनों में नियमित अग्नि सुरक्षा निरीक्षण करे, फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच करे और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।

