सारनाथ : आशापूर्ण काली मंदिर में भीषण आग
सैकड़ों साल पुराना बरगद का पेड़ जला
वाराणसी (जनवार्ता) । सारनाथ थाना क्षेत्र के आशापुर चौराहे पर स्थित आशापूर्ण काली माता मंदिर में बीती रात भीषण आग लगने से मंदिर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग की चपेट में सैकड़ों वर्ष पुराना बरगद का विशाल पेड़ भी आ गया, जबकि मंदिर में चढ़ाए गए हजारों नारियल और अन्य पूजन सामग्री जलकर नष्ट हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक मंदिर को भारी नुकसान हो चुका था।
मंदिर के पुजारी संतोष माली ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उपद्रवियों और अराजक तत्वों द्वारा मंदिर में आग लगाई गई है। उनका कहना है कि यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है।
यह मंदिर पहड़िया सारनाथ मार्ग पर स्थित है और क्षेत्र के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। मान्यता है कि यहां मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु नारियल और चुनरी चढ़ाते हैं।
स्थानीय व्यवसायी धर्मेंद्र पाण्डेय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह धर्मनगरी काशी में आस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में स्थित है और हजारों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है।
इस संबंध में सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


