किराना दुकान में भीषण आग, मां-बेटे की दम घुटने से मौत
पति ने पहली मंजिल से कूदकर बचाई जान, पैर फ्रैक्चर; 5 घंटे बाद आग पर काबू
बलिया, (जनवार्ता)। गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर गांव में सोमवार तड़के किराना दुकान में लगी भीषण आग में मां और चार वर्षीय बेटे की दम घुटने से मौत हो गई। आग लगने के दौरान घर में धुआं भर जाने से दोनों बाहर नहीं निकल सके। जान बचाने के लिए पति को पहली मंजिल से कूदना पड़ा, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। पुलिस और दमकल की टीम ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
जानकारी के अनुसार, चिलकहर गांव निवासी नीरज चौरसिया (32) ने करीब पांच वर्ष पहले चिलकहर-मटिहीं रोड पर मकान बनवाया था। मकान के आगे दो दुकानें और पीछे रहने का कमरा था। नीरज अपनी पत्नी रितिका (27), चार वर्षीय बेटे धीरज, छोटे भाई दीपक और दुकान में काम करने वाले नौकर राजू गुप्ता के साथ वहीं रहता था। बताया गया कि धीरज का दो दिन पहले ही मुंडन संस्कार हुआ था।
रविवार रात परिवार भोजन के बाद सो गया। देर रात अचानक दुकान में आग लग गई और देखते ही देखते धुआं पूरे मकान में भर गया। घुटन महसूस होने पर नीरज की नींद खुली। वह नीचे दुकान की ओर भागा, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। इसके बाद वह ऊपर जाकर परिवार को बचाने का प्रयास करने लगा, लेकिन बाहर का दरवाजा नहीं खुल पाया।
इस बीच घबराई रितिका ने पड़ोस में कपड़े की दुकान चलाने वाले पिंटू सिंह को फोन कर मदद मांगी। उसने कहा—“भइया, घर में आग लग गई है, बचा लीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे।” सूचना मिलते ही पिंटू सिंह मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों को जगाकर बचाव का प्रयास शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नीरज जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूद गया, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। पड़ोसियों ने अपनी दुकान से सीढ़ी लाकर घर के पीछे लगाई, लेकिन अंदर धुआं और आग अधिक होने के कारण कोई भीतर नहीं जा सका। बाद में मेन गेट का ताला तोड़कर लोगों ने अंदर घुसने की कोशिश की।
बताया जाता है कि नीरज किसी तरह अंदर घुसा और पत्नी व बेटे को बाहर निकालकर दरवाजे तक ले आया तथा लोगों से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने को कहा। हालांकि बाहर लाने तक दोनों की दम घुटने से मौत हो चुकी थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल की टीम ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि घायल नीरज को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पारिवारिक विवाद का भी आरोप
मृतका रितिका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि मकान को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि नीरज के पिता ने ही घर के बाहर गेट में ताला लगाकर आग लगाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि तड़के करीब 3:30 बजे डायल 112 के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर दमकल और पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया। प्रारंभिक जांच में दम घुटने से महिला और बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।


