‘नमो शक्ति रथ’ अभियान: महिलाओं के स्तन कैंसर की मुफ्त जांच के लिए ऐतिहासिक पहल

‘नमो शक्ति रथ’ अभियान: महिलाओं के स्तन कैंसर की मुफ्त जांच के लिए ऐतिहासिक पहल

वाराणसी (जनवार्ता) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार’ विजन से प्रेरित ‘नमो शक्ति रथ’ पहल शुक्रवार से वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में शुरू हो गई है। यह अभियान महिलाओं में स्तन कैंसर की समय पर पहचान और निवारण के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। इस पहल के तहत अत्याधुनिक “नो सी, नो टच” तकनीक से स्क्रीनिंग की जाएगी, जिससे महिलाओं को बिना किसी शारीरिक संपर्क या असुविधा के जांच संभव हो सकेगी।

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इस कार्यक्रम में अत्याधुनिक मोबाइल वैन यानी नमो शक्ति रथ का संचालन किया जाएगा। ये वैन एआई-पावर्ड थर्मल इमेजिंग तकनीक से लैस हैं, जो पूरी तरह नॉन-इनवेसिव, रेडिएशन-मुक्त और बिना संपर्क वाली जांच पद्धति है। इस तकनीक के माध्यम से महिलाएं बिना किसी झिझक या शर्मिंदगी के अपनी स्क्रीनिंग करा सकेंगी।

जिला मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम मण्डल आयुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में आईटीवी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। यह पहल नीति, उन्नत तकनीक और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को स्थानीय स्तर पर लागू किया गया है।

भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर बन चुका है। प्रतिवर्ष लाखों नए मामले सामने आते हैं, लेकिन लगभग 60 प्रतिशत मामलों का पता तीसरे या चौथे स्टेज में ही चल पाता है। समय पर स्क्रीनिंग से इन अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है या सफलतापूर्वक उपचार संभव हो सकता है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दूरी, आर्थिक तंगी, समय की कमी और सामाजिक संकोच जैसी बाधाओं को ध्यान में रखते हुए इस अभियान में डोर-स्टेप मोबाइल स्क्रीनिंग मॉडल अपनाया गया है।

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इस पहल के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की लगभग साढ़े सात लाख महिलाओं तक पहुंच बनाई जाएगी। यह स्क्रीनिंग वाराणसी की 290 ग्राम पंचायतों, नगर निगम के 92 वार्डों तथा गंगापुर के 12 वार्डों में की जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 20 नमो शक्ति रथ वैन संचालित होंगी। आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और पंचायत कर्मियों के सहयोग से समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाई जाएगी तथा महिलाओं को निर्धारित स्थलों पर जांच के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि वैन का शेड्यूल, रूटिंग और जमीनी क्रियान्वयन जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के पूर्ण समन्वय से सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल से न केवल समय पर कैंसर की पहचान और बेहतर फॉलो-अप संभव होगा, बल्कि उपचार की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ सामुदायिक विश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यदि यह कार्यक्रम सफल रहा तो यह उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के लिए महिला-केंद्रित निवारक स्वास्थ्य सेवा का एक अनुकरणीय मॉडल साबित हो सकता है। प्रशासन ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक बैठकें कर कार्ययोजना अंतिम रूप दे दी है।

प्रशासन ने सभी महिलाओं से अपील की है कि वे इस मुफ्त और अत्याधुनिक सुविधा का लाभ अवश्य उठाएं तथा अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें।

Shiv murti

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