सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ अस्सी घाट पर जताया रोष

सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ अस्सी घाट पर जताया रोष

वाराणसी (जनवार्ता)। समाजवादी पार्टी की महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह शुक्रवार को काशी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पहुंचीं और हाल में हो रही बुलडोजर कार्रवाइयों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज किया। विशेष रूप से मणिकर्णिका घाट और दालमंडी क्षेत्र में चल रहे विध्वंस कार्यों को लेकर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।

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जूही सिंह ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होलकर द्वारा संरक्षित और पुनर्निर्मित मंदिर तथा दालमंडी को तोड़ा जा रहा है, जो विकास के नाम पर उत्तर प्रदेश की प्राचीन संस्कृति, इतिहास और धरोहर पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि काशी की आत्मा को ठेस पहुंचाई जा रही है और पार्टी इस सांस्कृतिक विरासत को बचाकर ही दम लेगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास के नाम पर सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक संपदा को नष्ट किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में भारतीय नागरिकों के अधिकारों के हनन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे आम लोगों में भय का माहौल बन रहा है।

बसपा प्रमुख मायावती की हालिया घोषणा पर जूही सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मायावती ने 2027 के विधानसभा चुनाव सहित सभी चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में पूछा कि क्या मायावती जी का बीजेपी से गठबंधन टूट गया है या अब वे अकेले ही सब कुछ संभाल लेंगी।

ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जूही सिंह ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उन्हें हिंदी फिल्मों में कम काम मिल रहा है और यह राजनीतिक माहौल या सांप्रदायिक कारणों से हो सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार को ऐसे सम्मानित व्यक्तियों की आवाज सुननी चाहिए। यह समझना होगा कि देश में लोग अब क्यों डर रहे हैं और प्रतिभाओं को उनके धर्म के आधार पर अवसरों से क्यों वंचित किया जा रहा है।

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पश्चिम बंगाल और झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए जूही सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग की तरह अब ईडी भी बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है। सभी सरकारी संस्थाएं सत्ता के पक्ष में काम कर रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

अस्सी घाट पर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जूही सिंह के नारों का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी काशी की सांस्कृतिक धरोहर और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखेगी।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब वाराणसी में मणिकर्णिका घाट और दालमंडी के पुनर्विकास तथा विध्वंस को लेकर राजनीतिक विवाद चरम पर पहुंच गया है और विपक्षी दल इसे सांस्कृतिक हमले के रूप में पेश कर रहे हैं।

Shiv murti

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