काशी तमिल संगमम् 4.0 की तैयारिया पूरी

काशी तमिल संगमम् 4.0 की तैयारिया पूरी

बीएचयू-आईआईटी (बीएचयू) आयोजित करेंगे सात प्रमुख शैक्षणिक सत्र

rajeshswari

वाराणसी  (जनवार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को साकार करने वाला काशी तमिल संगमम् का चौथा संस्करण 2 से 15 दिसंबर 2025 तक वाराणसी में आयोजित होगा। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में होने वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए काशी पूरी तरह तैयार है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और आईआईटी (बीएचयू) इस बार शैक्षणिक साझेदार के रूप में सात विशेष समूहों के लिए विषय-आधारित शैक्षणिक सत्रों की मेजबानी करेंगे।

शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि काशी और तमिलनाडु के प्राचीन आध्यात्मिक-सांस्कृतिक संबंधों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का यह अनुपम अवसर है। दोनों संस्थानों ने परिसर भ्रमण, संग्रहालय, पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से मेहमानों को काशी की ज्ञान-विज्ञान परम्परा से परिचित कराने की पूरी तैयारी की है।

आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि इस बार का थीम ‘कर्पोम् तमिल’ (तमिल सीखें) है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और कम्प्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स की मदद से तमिल भाषा सीखना अब और आसान व समावेशी हो गया है।

शैक्षणिक सत्र विद्यार्थियों के लिए महाकवि सुब्रमण्यम भारती की विरासत, शिक्षकों के लिए काशी-तमिलनाडु की आध्यात्मिक परम्पराएँ, लेखक-मीडिया प्रतिनिधियों के लिए साहित्य और पत्रकारिता, कृषि विशेषज्ञों के लिए सतत खाद्य प्रणाली, पेशेवरों एवं कारीगरों के लिए काशी-कांचीपुरम संबंध, महिलाओं के लिए महिला समृद्धि तथा आध्यात्मिक प्रतिनिधियों के लिए दिव्य सूत्र विषय पर केन्द्रित रहेंगे।

नमी घाट पर बीएचयू और आईआईटी (बीएचयू) अपनी शैक्षणिक व तकनीकी उत्कृष्टता की भव्य प्रदर्शनी लगाएंगे। बीएचयू का स्टॉल भारत कला भवन, दृश्य-प्रदर्शन कला और बहु-विषयक शोध पर केन्द्रित रहेगा, जबकि आईआईटी (बीएचयू) पाँच थीम-आधारित पोस्टर और तीन वीडियो के माध्यम से नवाचार व अनुसंधान प्रदर्शित करेगा।

इसे भी पढ़े   पीएम मोदी ने वाराणसी से चार नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी

इस बार की सबसे खास पहल वाराणसी के 50 स्कूलों में 1,500 छात्रों को हिंदी माध्यम से 15 दिन का मौखिक तमिल कोर्स कराना है। दक्ष तमिल शिक्षक पढ़ाएंगे और अध्ययन सामग्री चेन्नई के केन्द्रीय भारतीय भाषा संस्थान ने उपलब्ध कराई है।

बीएचयू 300 विद्यार्थियों को तमिलनाडु भ्रमण भी कराएगा। चयन के लिए 7 दिसंबर को ऑनलाइन क्विज़ होगी। चयनित छात्र तमिल भाषा के साथ-साथ तमिलनाडु के सांस्कृतिक-ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।

सयाजीराव गायकवाड़ केन्द्रीय पुस्तकालय में 3 दिसंबर से तमिल पांडुलिपियों व शिक्षण संसाधनों की विशेष प्रदर्शनी लगेगी।

नोडल अधिकारी डॉ. अंचल श्रीवास्तव ने बताया कि जन-भागीदारी बढ़ाने के लिए घाट वॉक, पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, इंस्टॉलेशन और नुक्कड़ नाटक जैसी पूर्व-गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की गईं।

काशी तमिल संगमम् 4.0 देश की भाषाई, सांस्कृतिक और शैक्षणिक एकता का प्रतीक बनकर उभरेगा।

Shiv murti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *