वाराणसी: हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज में यूजीसी -2026 के समर्थन में छात्रों का जुलूस, पुलिस से धक्का-मुक्की
वाराणसी (जनवार्ता) । मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को सैकड़ों छात्रों ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस-2026′ के समर्थन में जोरदार जुलूस निकाला। छात्रों ने उच्च शिक्षा में जाति-आधारित भेदभाव को समाप्त करने और एससी,एसटी, ओबीसी तथा अन्य वंचित वर्गों के लिए समानता सुनिश्चित करने वाली इस नई यूजीसी नीति का समर्थन करते हुए परिसर में मार्च किया तथा यूजीसी लागू करो’, ‘जय भीम’ जैसे नारे लगाए।

जुलूस परिसर में घूमने के बाद कॉलेज गेट तक पहुंचा, जहां कोतवाली थाने के एसीपी विजय प्रताप सिंह और थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने पुलिस बल के साथ छात्रों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद छात्रों ने परिसर में ही जमीन पर बैठकर धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
प्रमुख रूप से शिवम यादव, रोहित यादव, मनीष सोनी, राहुल कन्नौजिया, चंदन सोनकर, विवेक कुमार, शिवा सोनकर, मुहम्मद आसिफ सहित सैकड़ों छात्र इस आंदोलन में शामिल थे। छात्रों ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से उच्च शिक्षा में सुधार आएगा, भेदभाव रुकेगा और वंचित वर्गों को बेहतर अवसर मिलेंगे। वे केंद्र सरकार से इन नियमों को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को ये नियम अधिसूचित किए थे, जिनमें हर उच्च शिक्षा संस्थान में इक्विटी कमेटी गठन अनिवार्य था। हालांकि, विरोध प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इन नियमों पर रोक लगा दी और 2012 के पुराने दिशा-निर्देशों को लागू रखने का आदेश दिया। इसके बावजूद वाराणसी के विभिन्न कॉलेजों, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और बीएचयू में समर्थन तथा विरोध दोनों तरह के प्रदर्शन जारी हैं।
हरिश्चंद्र महाविद्यालय में यह घटना परिसर में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही। छात्रों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल उनके अधिकारों की नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय और समानता की है।

