गजानन |विघ्नहर्ता गणेश का मंगलमय स्मरण

गजानन |विघ्नहर्ता गणेश का मंगलमय स्मरण

“गजानन” नाम लेते ही मन में शांति और भक्ति का भाव जाग उठता है। भगवान गणेश, जिन्हें गजानन कहा जाता है, बुद्धि, विवेक और सफलता के अधिपति माने जाते हैं। हर शुभ कार्य की शुरुआत उन्हीं के नाम से होती है क्योंकि वे विघ्नों को दूर कर मार्ग को सुगम बनाते हैं। गजानन की उपासना केवल पूजा नहीं, बल्कि यह विश्वास है कि हर कठिनाई का समाधान उनके चरणों में है। यह नाम उच्चारण मात्र से ही मन प्रसन्न और आत्मा संतुष्ट हो जाती है।

rajeshswari

सुना है जीवन के विघ्नों को,
तुम हर लेते हो,
सुना है रुके कार्यों का,
शुभ आरम्भ कर देते हो,
सुना है जीवन के विघ्नों को,
तुम हर लेते हो,
सुना है रुके कार्यों का,
शुभ आरम्भ कर देते हो,
इक अरज मेरी भी सुन लेना,
इक अरज मेरी भी सुन लेना,
मेरी भक्ति की लाज रख देना,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन ,
गजानन गजानन गजानन…..

व्याकुल मन हो जाये कभी तो,
तुम चन्दन कर जाना,
पग पग की अभिलाषाओं से,
मन को पार लगाना,
व्याकुल मन हो जाये कभी तो,
तुम चन्दन कर जाना,
पग पग की अभिलाषाओं से,
मन को पार लगाना,
ये अरज मेरी भी सुन लेना,
ये अरज मेरी भी सुन लेना,
मेरी भक्ति की लाज रख देना,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन…….

मगन तेरी भक्ति में होकर,
सदा तेरे गुण गाऊं,
चलूँ निरंतर धर्म के पथ पर,
सफल जीवन कर जाऊ,
मगन तेरी भक्ति में होकर,
सदा तेरे गुण गाऊं,
चलूँ निरंतर धर्म के पथ पर ,
सफल जीवन कर जाऊ,
ये अरज मेरी भी सुन लेना,
ये अरज मेरी भी सुन लेना,
मेरी भक्ति की लाज रख देना,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन,
गजानन गजानन गजानन……

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गजानन की उपासना की विधि

  1. समय: प्रातःकाल या गणेश चतुर्थी के दिन पूजन सबसे शुभ रहता है।
  2. स्थान: घर के पूजास्थल या शांत वातावरण में गणेश जी की प्रतिमा या चित्र के सामने।
  3. सामग्री: मोदक, दूर्वा, लाल फूल, दीपक, धूपबत्ती और जल से भरा पात्र।
  4. पूजन क्रम:
    • दीपक जलाएँ और गणेश जी को प्रणाम करें।
    • “ॐ गम गणपतये नमः” मंत्र का 11 या 21 बार जप करें।
    • दूर्वा, फूल और मोदक अर्पित करें।
    • “जय गजानन देव” बोलते हुए आरती करें।
    • अंत में शांत मन से कुछ क्षण ध्यान करें।
  5. भाव: मन में विनम्रता, समर्पण और सच्ची श्रद्धा रखें; यही गजानन भक्ति का सार है।

गजानन उपासना से प्राप्त होने वाले शुभ फल

  • विघ्न, बाधाएँ और कष्ट दूर होते हैं।
  • जीवन में सफलता, समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।
  • बुद्धि और विवेक की वृद्धि होती है।
  • घर-परिवार में शांति और प्रेम का वातावरण बनता है।
  • मन में आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संचार होता है।

निष्कर्ष

“गजानन” केवल एक नाम नहीं, बल्कि यह जीवन का आधार है। जब भी जीवन में कोई कठिनाई आए, तो गजानन का स्मरण करें — उनका आशीर्वाद हर बाधा को अवसर में बदल देता है। उनका नाम हमें यह सिखाता है कि सच्ची शक्ति भक्ति और विनम्रता में है। इसलिए हर सुबह यह भाव लेकर दिन की शुरुआत करें — “हे गजानन, मेरे जीवन के विघ्न हर लो और मुझे सद्बुद्धि का आशीर्वाद दो।”

Shiv murti

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