मारन वाले से ज़्यादा वो बड़ा बचाने वाला

मारन वाले से ज़्यादा वो बड़ा बचाने वाला

“मारन वाले से ज़्यादा वो बड़ा बचाने वाला” — यह वाक्य उस गहरी सच्चाई को दर्शाता है कि जब हम भगवान पर विश्वास करते हैं, तो कोई भी बुराई या संकट हमें हानि नहीं पहुँचा सकता। यह विश्वास हमें जीवन की हर कठिन परिस्थिति में साहस देता है। ईश्वर की करुणा इतनी व्यापक है कि वह अपने भक्तों की रक्षा सदा करते हैं, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। यह भाव सिखाता है कि भय पर विश्वास की जीत हमेशा होती है, क्योंकि भगवान की कृपा हर संकट से बड़ी होती है।

rajeshswari

मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,
उस दुश्मन क्या मारेगा जिसका भगवन रखवाला

शावक हांडी में दब गये,
भीषण की आग है बाकी,
भोजन पानी न खाया,
ना खाई रमक हवा की,
ईश्वर ने गजब दवा की और जिन्दा उन्हें निकाला,
मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

भक्ति में शक्ति देखि मीरा को बहुत सताया,
कभी कांटो पर चलवाया कभी सरपो से कटवाया,
विश का प्याला पिलवाया विश बन गया अमृत प्याला,
मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

ताने या तीर आखेटक ऊपर था बाज शिकारी,
आखेटक डसा नाग ने गया तीर बाज के पारी,
दोनों मर गये शिकारी गया जीत बचाने वाला,
मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

चाहे लाख हिमाती करलो दुशमन तो एक भतेरा,
लाखो दुश्मन पर भारी वो इकल दोस्त भतेरा,
वो जो हाथ पकड़ ले तेरा तुझे कौन हराने वाला,
मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

बरहमा संसार रचइया विष्णु पालन करता है,
यमदूत का रूप बना कर शिव शंकर जग हरता है,
क्यों कवी विजन करता है तेरे साथ है डमरू वाला,
मारन वाले से ज्यादा वो बड़ा बचाने वाला,

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भाव से पूजन या स्मरण विधि

  1. दिन: मंगलवार, शनिवार या कोई भी शुभ दिन चुनें।
  2. स्थान: घर के मंदिर में या अपने आराध्य देवता के चित्र के सामने दीपक जलाएँ।
  3. सामग्री: लाल या पीले फूल, धूप, दीपक, चंदन, और प्रसाद रखें।
  4. प्रारंभ: “जय श्री राम” या “जय श्री हनुमान” का 11 बार नाम जप करें।
  5. पूजन: भगवान को फूल और दीपक अर्पित करें, और कहें — “हे प्रभु, संकट कितना भी आए, आपकी कृपा सदा हमारी ढाल बनी रहे।”
  6. भाव: मन में यह भावना रखें कि ईश्वर आपके जीवन की हर बुराई से रक्षा कर रहे हैं।
  7. समापन: आरती करें और परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें।

इस भक्ति से मिलने वाले लाभ

  • भय और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।
  • जीवन में आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।
  • ईश्वर की कृपा से संकट और परेशानियाँ दूर होती हैं।
  • भक्ति और विश्वास में दृढ़ता आती है।
  • परिवार में सुरक्षा, शांति और सुख बना रहता है।

निष्कर्ष

मारन वाले से ज़्यादा वो बड़ा बचाने वाला — यह पंक्ति हमें याद दिलाती है कि ईश्वर की शक्ति सबसे ऊपर है। जब हम उनका नाम लेकर विश्वास के साथ चलते हैं, तो कोई भी बुराई हमें नुकसान नहीं पहुँचा सकती। प्रभु की कृपा ढाल बनकर हमारे चारों ओर रहती है और हर संकट को दूर कर देती है। जो व्यक्ति इस सत्य को स्वीकार करता है, उसके जीवन से भय मिट जाता है और उसके हृदय में केवल विश्वास, शांति और भक्ति का प्रकाश रह जाता है।

Shiv murti

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