दुनियाँ खाटू नै चाली | श्याम बाबा की महिमा और भक्ति का अमिट संदेश

दुनियाँ खाटू नै चाली | श्याम बाबा की महिमा और भक्ति का अमिट संदेश

दुनियाँ खाटू नै चाली यह पंक्ति हर उस भक्त के हृदय में गूंजती है जो खाटू श्याम जी पर पूर्ण विश्वास रखता है। यह भाव हमें याद दिलाता है कि चाहे जीवन कितना भी व्यस्त, कठिन या अनिश्चित क्यों न हो, अंत में हर आत्मा श्याम बाबा की शरण में ही शांति पाती है। खाटू धाम वह स्थान है जहाँ आस्था का सागर उमड़ता है और भक्त अपनी सारी पीड़ा भूलकर प्रेम में डूब जाता है। यह पंक्ति केवल यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक मिलन की ओर एक सुंदर यात्रा का प्रतीक है।

rajeshswari

श्याम तेरे धाम की महिमा छाई, रे या खाटू में धूम मचायी,
हो पल में काम यें उनके बनजा, जिसने आस तेरे से लगायीं,
देख यो नजारा, लागे घना प्यारा,
दिला में बात या चाली,
बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली…

बाबा म्हारा लखदातारी, पल में काम बना दे,
टूटी-फूटी किस्मत ने, यों श्याम मेरा चमका दे,
हारे का सहारा, यों श्याम हमारा,
हैं तू कलयुग का अवतारी,
बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली…

श्याम धनी तेरे नाम का डंका, सारे जग में बाजै,
सबके संकट दूर यें हो जा, मोर छड़ी जब लागै,
श्याम तेरा मुखड़ा, चाँद का टुकड़ा,
कसूती गाला पै लाली,
बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली….

श्रृंगार तेरा यो गजब लगे, औऱ माथे ऊपर टिका
खाटू की सरकार के आगे, लन्दन भी सै फीका,
यें कुंडल साजे, मुकुट विराजे, हैं तेरी शान निराली,
बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली,

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श्याम तेरे दर्शन खातिर, या दुनियाँ खूब सै आई,
छप्पन भोग चढ़ावे तेरे, तने खवावे दूध मलाई,
मोहित भी आवे, यो तने मनावे, सै तू भगतां का रखवाली,
बाबा तेरे नाम की मस्ती, भगतां पे या चढ़ी कसूती, या दुनियाँ खाटू नै चाली…!!!

भाव से पूजन या स्मरण विधि

  1. दिन: एकादशी, ग्यारस या खाटू श्याम जयंती का दिन सबसे शुभ माना जाता है।
  2. स्थान: घर के मंदिर या श्याम बाबा के चित्र के समक्ष दीपक जलाएँ।
  3. सामग्री: फूल, चंदन, धूप, फल, प्रसाद (खीर या मालपुए), और तुलसी पत्र रखें।
  4. प्रारंभ: “जय श्री श्याम” का 11 बार उच्चारण करें।
  5. पूजन: बाबा को चंदन और फूल अर्पित करें, फिर आरती करें।
  6. भक्ति भाव: मन में यह भाव रखें कि “दुनियाँ चाहे कहीं जाए, मैं तो खाटू श्याम की शरण में ही जाऊँ।”
  7. समापन: बाबा से प्रार्थना करें — “हे श्याम, मेरे जीवन में प्रेम, भक्ति और सच्चाई का प्रकाश सदैव बनाए रखें।”

इस भक्ति से मिलने वाले लाभ

  • मन को शांति और स्थिरता मिलती है।
  • संकटों से मुक्ति और कष्टों का निवारण होता है।
  • आर्थिक व पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है।
  • श्याम बाबा की कृपा से इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।
  • भक्ति में दृढ़ता और आत्मविश्वास बढ़ता है।

निष्कर्ष

दुनियाँ खाटू नै चाली यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि आस्था की यात्रा है जो हमें श्याम बाबा के चरणों तक ले जाती है। जब हम जीवन की हर स्थिति में बाबा का नाम लेते हैं, तो वह हमारे जीवन को संबल, सहारा और दिशा प्रदान करते हैं। खाटू श्याम की शरण में जाकर मनुष्य अपने दुख, मोह और भ्रम से मुक्त होकर सच्चे आनंद का अनुभव करता है। इसीलिए कहा गया है जग में सबसे न्यारा धाम, खाटू श्याम का नाम।

Shiv murti

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