तेरे भरोसे खाटू वाले रहता है मेरा परिवार | श्याम बाबा की कृपा
तेरे भरोसे खाटू वाले रहता है मेरा परिवार यह वाक्य उस सच्चे विश्वास का प्रतीक है जो भक्त अपने आराध्य श्याम बाबा पर रखता है। जब जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव आते हैं, तब भक्त यह मानता है कि बाबा की कृपा ही उसका सबसे बड़ा सहारा है। खाटू वाले बाबा के चरणों में यह समर्पण भाव हमें यह सिखाता है कि सच्चा सुख और सुरक्षा ईश्वर के आशीर्वाद में ही है। यह पंक्ति हर उस हृदय की आवाज है जो अपने परिवार को बाबा की छत्रछाया में सुरक्षित मानता है।

तेरे भरोसे बाबा – तेरे भरोसे बाबा -2
तेरे भरोसे खाटूवाले रहता है मेरा परिवार- मेरा परिवार
तेरे भरोसे खाटूवाले रहता है मेरा परिवार – 2
जब से तूने बाँह पकड़ ली हारे की तूने किस्मत बदली
खुला बन्द किस्मत का द्धार-2 रहता है मेरा परिवार
तेरे भरोसे खाटूवाले रहता है मेरा परिवार – 2
शीश के दानी तुम कहलाते भगत पुकारे तो दौड़े दौड़े आते
तुम सुनते सबकी पुकार -2 रहता है मेरा परिवार
तेरे भरोसे खाटूवाले रहता है मेरा परिवार – 2
जब भी कोई दुनिया से हारा तेरे दर पे मिला सहारा
तुम बन गये पालनहार -2 रहता है मेरा परिवार
तेरे भरोसे खाटूवाले रहता है मेरा परिवार – 2
सिंगला को बाबा तेरा सहारा – तेरे बिन बाबा कोन हमारा
तेरी महिमा अपरम्पार -2 रहता है मेरा परिवार
तेरे भरोसे खाटूवाले रहता है मेरा परिवार – 2
भाव से पूजन या स्मरण विधि
- दिन: एकादशी, गुरुवार या खाटू श्याम जयंती के दिन विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।
- स्थान: घर के मंदिर में या श्याम बाबा के चित्र के सामने दीपक जलाएँ।
- सामग्री: फूल, धूप, चंदन, प्रसाद (खीर, हलवा, मालपुए), और मोरपंख रखें।
- प्रारंभ: “जय श्री श्याम” का 11 बार नाम जप करें।
- पूजन: बाबा को फूल और चंदन अर्पित करें, फिर दीपक और धूप दिखाएँ।
- भाव: मन में यह कहें — “हे खाटू वाले बाबा, मेरे परिवार पर आपकी कृपा बनी रहे, हम सदा आपके भरोसे हैं।”
- समापन: आरती करें और बाबा से अपने परिवार के सुख, शांति और एकता की प्रार्थना करें।
इस भक्ति से मिलने वाले लाभ
- परिवार में शांति और प्रेम का वातावरण बना रहता है।
- श्याम बाबा की कृपा से जीवन में संकट दूर होते हैं।
- आर्थिक और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती है।
- भक्ति और विश्वास में दृढ़ता आती है।
- संतोष और सुख का अनुभव होता है।
निष्कर्ष
तेरे भरोसे खाटू वाले रहता है मेरा परिवार यह वाक्य केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जब मनुष्य अपने परिवार को ईश्वर की शरण में समर्पित करता है, तब भय और चिंता स्वतः समाप्त हो जाती हैं। खाटू श्याम बाबा अपने भक्तों की रक्षा वैसे ही करते हैं जैसे सागर अपनी लहरों को संभाले रखता है। बाबा की कृपा का साया जब परिवार पर होता है, तो हर कठिनाई छोटी लगती है, और जीवन भक्ति, प्रेम और सुख से भर जाता है।

