बोलो जय सिया रामा | श्रीराम और सीता माता के नाम का मधुर स्मरण
“बोलो जय सिया रामा” भजन प्रेम, मर्यादा और धर्म की गूंज से भरा हुआ है। यह भजन हर उस भक्त की भावना को प्रकट करता है जो प्रभु श्रीराम और माता सीता की भक्ति में लीन रहता है। इस भजन के उच्चारण से मन में शांति और आत्मा में सुकून का अनुभव होता है। यह सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि श्रद्धा और समर्पण का आह्वान है — जहाँ हर शब्द में भगवान के प्रति प्रेम और आस्था झलकती है।

प्रेम से बोलो हनुमाना बोलो जय सिया रामा……..
केसर के तिलक लगाए मेरे राम जी,
लाल सिन्दूर हनुमाना बोलो जय सिया रामा,
प्रेम से बोलो हनुमाना बोलो जय सिया रामा…….
ऊँचे सिंघासन पे बैठे मेरे राम जी,
चरनो में बैठे हनुमाना बोलो जय सिया रामा,
प्रेम से बोलो हनुमाना बोलो जय सिया रामा…..
पीला पीताम्बर पहने मेरे रामजी ,
लाल लंगोट हनुमाना बोलो जय सिया रामा,
प्रेम से बोलो हनुमाना बोलो जय सिया रामा…….
मेवा और मिश्री का भोग मेरे राम जी,
लड्डून का भोग हनुमाना बोलो जय सिया रामा,
प्रेम से बोलो हनुमाना बोलो जय सिया रामा……
भजन गाने की विधि
- सुबह या शाम के समय स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- श्रीराम और माता सीता के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाएँ।
- तुलसी-दल और पुष्प अर्पित करें।
- मन को शांत करें और “बोलो जय सिया रामा” भजन को प्रेमपूर्वक गाएँ या सुनें।
- परिवार सहित या कीर्तन के रूप में इसे गाना और भी शुभ माना जाता है।
- अंत में श्रीराम-सीता से आशीर्वाद माँगें कि उनके नाम की भक्ति सदा बनी रहे।
लाभ
- मन में भक्ति, प्रेम और स्थिरता बढ़ती है।
- नकारात्मक विचार और मानसिक तनाव दूर होते हैं।
- घर में सुख-शांति और सौहार्द का वातावरण बनता है।
- श्रीराम जी की कृपा से कार्यों में सफलता और जीवन में आनंद आता है।
- यह भजन हृदय को पवित्र और आत्मा को ईश्वर के निकट लाता है।
निष्कर्ष
“बोलो जय सिया रामा” भजन भक्त के हृदय की सच्ची पुकार है। यह हमें याद दिलाता है कि भगवान श्रीराम का नाम केवल जप नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जब भी यह भजन प्रेम और श्रद्धा से गाया जाता है, मन में भक्ति का सागर उमड़ पड़ता है। “जय सिया रामा” का हर उच्चारण हमारे भीतर शांति, शक्ति और विश्वास का संचार करता है।

