हरिनाम रटे है दुनिया ये सारी | ईश्वर के नाम-स्मरण का पवित्र भजन
“हरिनाम रटे है दुनिया ये सारी” भजन ईश्वर के नाम की शक्ति और महिमा को दर्शाता है। यह बताता है कि चाहे अमीर हो या गरीब, ज्ञानी हो या साधारण — जब सभी हरि का नाम जपते हैं, तो मन के दुःख मिट जाते हैं और जीवन में शांति का संचार होता है। हरिनाम जप आत्मा को शुद्ध करता है और हमें ईश्वर से जोड़ता है। इस भजन के हर शब्द में श्रद्धा, सादगी और आध्यात्मिक प्रेम झलकता है।

मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सुदशरथ अजिरी बिहारी
पुरुषों में उत्तम राम मेरे,
मेरे अवधबिहारी
हरिनाम रटे है दुनिया ये सारी…..
कौशल्यानंदन राम तुम्ही माँ जानकी के स्वामी हो,
दशरथ के प्रियप्राण तुम्ही,
तुम्ही अंतर्यामी हो,
कोई राम रटे कोई श्याम रटे,
कण कण में छवि है समायी,
हरि नाम रटे है दुनिया ये सारी…..
चारो भैया में ज्येष्ठ तुम्ही,
तेरे नाम की ऐसी माया है,
जग में हो प्रभु श्रेष्ठ तुम्ही प्रीत तेरा मन भाया है,
श्रृष्टि में राम दृष्टि में राम,
तेरी महिमा चहुँ दिश छाई,
हरि नाम रटे है दुनिया ये सारी………
भजन गायन की विधि
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और शांत वातावरण में बैठें।
- भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाएँ।
- तुलसी-दल और फूल अर्पित करें।
- मन को एकाग्र करके “हरे राम हरे कृष्ण” या “श्रीहरि” नाम का जप करें।
- फिर प्रेम और भक्ति भाव से “हरिनाम रटे है दुनिया ये सारी” भजन गाएँ या सुनें।
- भजन के अंत में ईश्वर से करुणा, शांति और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें।
लाभ
- मन को शांति और आत्मा को संतोष प्राप्त होता है।
- हरिनाम जप से नकारात्मक विचार दूर होते हैं।
- जीवन में श्रद्धा, सादगी और भक्ति का भाव बढ़ता है।
- घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- ईश्वर की कृपा और मार्गदर्शन सदैव अनुभव होता है।
निष्कर्ष
“हरिनाम रटे है दुनिया ये सारी” भजन हमें यह सिखाता है कि जब हर कोई ईश्वर के नाम का स्मरण करता है, तो दुनिया में प्रेम, दया और सद्भाव का संचार होता है। हरिनाम केवल जप नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच का सेतु है। इसे प्रेमपूर्वक गाने से मन निर्मल और जीवन मंगलमय बनता है।

