तेरी महिमा है जग से निराला, मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला
तेरी महिमा है जग से निराला, मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला यह पंक्ति भगवान शिव की उस अद्भुत सरलता और दिव्यता को दर्शाती है जो उन्हें सबसे अलग बनाती है। भोलेनाथ को “भोला” इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की सच्ची भावना से तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। उनके लिए वैभव या भव्यता नहीं, बल्कि प्रेम और निष्ठा मायने रखती है। भगवान शिव की महिमा ऐसी है कि वे असंभव को संभव कर देते हैं, और हर भक्त को समान दृष्टि से स्वीकार करते हैं। यह भाव हमें सिखाता है कि ईश्वर की सच्ची आराधना सादगी और श्रद्धा में निहित है।

तेरी महिमा है जग से निराला
मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला
बम भोले बम बम भोले
तू जो पिता है भंग का प्याला
भोले जग है तू तो निराला
तेरे दर पर जो भी आता
वो खाली हाथ ना जाता
जटा से निकली गंग की धारा
गले पहने है मुंडों की माला
डम डम डमरू बाजता जाए
मेरा भोला नाचत आए
भोले बाबा है औधड़ दानी
खाली जाए ना इनकी वाणी
जो भी गंगा जल है चढ़ाये
भव सागर से तर जाए प्राणी
भोले मरघट नित आते
जहाँ भूत प्रेत भी रहते
बम बम भोले का नारा लगते
ये कालो के काल है कहते
भाव से पूजा विधि
- दिन और समय: सोमवार को सूर्योदय से पहले या शाम के समय पूजन उत्तम रहता है।
- स्थान: घर के मंदिर में या शिवलिंग के सामने दीपक जलाएँ।
- सामग्री: बेलपत्र, गंगाजल, दूध, चावल, धूप और पुष्प रखें।
- प्रारंभ: “ॐ नमः शिवाय” का तीन बार उच्चारण करें।
- पूजन: शिवलिंग पर गंगाजल या दूध चढ़ाएँ, फिर बेलपत्र अर्पित करें।
- भजन या जप: श्रद्धा से “तेरी महिमा है जग से निराला, मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला” भजन या मंत्र का जप करें।
- भावना रखें: मन में यह अनुभव करें कि स्वयं भोलेनाथ आपके समक्ष हैं और आपकी हर प्रार्थना सुन रहे हैं।
- समापन: अंत में प्रणाम करें — “हे भोलेनाथ, मेरी श्रद्धा सदा आपके चरणों में अटल रहे।”
इस भक्ति से मिलने वाले लाभ
- मन की शांति: शिव भक्ति से मानसिक स्थिरता और संतोष प्राप्त होता है।
- संकटों से मुक्ति: प्रभु की कृपा से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
- आत्मिक शक्ति: आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
- परिवार में सुख-समृद्धि: शिव के आशीर्वाद से घर में सौहार्द और शुभता बनी रहती है।
- भक्ति में निष्ठा: ईश्वर के प्रति प्रेम और समर्पण गहराता है।
निष्कर्ष
तेरी महिमा है जग से निराला, मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला यह भाव हमें याद दिलाता है कि भगवान शिव सच्चे अर्थों में करुणामय और सहज हैं। वे न तो किसी आडंबर से प्रभावित होते हैं और न ही किसी वैभव से; वे केवल सच्चे मन की भक्ति को स्वीकार करते हैं। जो भक्त अपनी भावनाओं को निर्मल रखकर उनका स्मरण करता है, भोलेनाथ तुरंत प्रसन्न होकर उसकी झोली आशीर्वाद से भर देते हैं। वास्तव में, शिव की महिमा जग से निराली है और उनका हृदय सच्चे प्रेम से भरा हुआ है — वे हैं साक्षात् भोले भंडारी, कृपालु और दयालु महादेव।

