रोहनिया : नाबालिग बच्चों की मां के साथ दुष्कर्म का प्रयास
35 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
वाराणसी (जनवार्ता) । रोहनिया थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना ने स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अकेली महिला, जो अपने नाबालिग बेटे और बेटी के साथ रहती है (पति दुबई में नौकरी पर हैं), ने पड़ोसी लक्ष्मीनारायण पर उसके घर घुसकर दुष्कर्म का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपी पीडब्ल्यूडी विभाग में कर्मचारी है।

पीड़िता के बयान के अनुसार, 10 फरवरी की रात करीब 10 बजे शराब के नशे में धुत आरोपी उनके घर में घुस आया। सोते हुए महिला के साथ अश्लील हरकतें करने लगा और जब महिला ने विरोध किया तो उसने मुंह दबाकर जबरन दुष्कर्म करने की कोशिश की। बच्चों के जागने और शोर मचाने पर आरोपी भाग निकला, लेकिन जाते समय महिला और बच्चों को जान से मारने की धमकी देता गया।
घटना के महज दो दिन बाद 12 फरवरी को महिला ने थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 19 फरवरी को दोबारा प्रार्थना पत्र देने और उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद स्थानीय थाना स्तर पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पीड़िता ने रोहनिया थानाध्यक्ष पर दबाव बनाने का सीधा आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि दरोगा ने उन्हें कहा, “कहीं प्रार्थनापत्र दे दो, मेरे पास ही आएगा। तुम उसका कुछ नहीं कर सकती।”
आखिरकार पुलिस कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद घटना के लगभग 35 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया। इस लंबी देरी ने पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं। पीड़िता और स्थानीय लोग अब महिला की सुरक्षा तथा मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग कर रहे हैं।

