वृंदावन नाव हादसे के बाद गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
वाराणसी (जनवार्ता)| वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी मोटर बोट के पलटने से हुए दुखद हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद वाराणसी प्रशासन ने तत्काल अलर्ट जारी कर दिया है। काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती देखने प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं। उनकी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि घाटों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। सभी नाविकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी हालत में नावों में ओवरलोडिंग न करें। संवेदनशील और गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नाबालिगों द्वारा नाव चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि नाव में सवार होते समय वे अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनें। नाविकों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल नारंगी रंग की लाइफ जैकेट ही उपलब्ध कराएं, ताकि दूर से भी आसानी से दिखाई दे सकें।
वाराणसी प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन का संकल्प है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने सभी नाविकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जल परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य है। छोटी-छोटी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नदी में यात्रा के समय सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है। वाराणसी प्रशासन श्रद्धालुओं को बिना किसी चिंता के धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने का सुनिश्चित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

