शिया मुसलमानों ने सऊदी हुकूमत के खिलाफ किया जोरदार विरोध प्रदर्शन किया
वाराणसी (जनवार्ता) : वाराणसी में शिया समुदाय ने मदीना स्थित ऐतिहासिक कब्रिस्तान जन्नतुल बकी के विध्वंस के विरोध में शनिवार को एक बड़ा जुलूस निकाला। जुलूस में सऊदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और जन्नतुल बकी की तामीर (पुनर्निर्माण) की मांग की गई।


जुलूस शिया मस्जिद कालीमहाल से शुरू होकर शिया जामा मस्जिद दारानगर तक गया। इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनके हाथों में जन्नतुल बकी से संबंधित तख्तियां थीं। जुलूस की अगुवाई धर्मगुरुओं ने की और उन्होंने सऊदी हुकूमत के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे भी गूंजे।
यह जुलूस अंजुमन हैदरी के तत्वावधान में निकाला गया था। अंजुमन हैदरी के प्रेसिडेंट सैय्यद अब्बास मुर्तुजा शम्सी के निर्देशन और जनरल सेक्रेटरी नायब रजा के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में बनारस की विभिन्न मातमी अंजुमनों ने हिस्सा लिया।
शिया समुदाय जन्नतुल बकी को इस्लाम की तारीख का ‘काला दिन’ मानता है, जहां पैगंबर मुहम्मद (स.अ.व.) के कई अहले बैत की कब्रें हैं। समुदाय लंबे समय से इस कब्रिस्तान के पुनर्निर्माण की मांग कर रहा है।
जुलूस शांतिपूर्ण रहा और इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल दिखे। प्रदर्शनकारियों ने सऊदी हुकूमत से अपील की कि वे जन्नतुल बकी को फिर से बनाकर ऐतिहासिक स्थलों की इज्जत बहाल करें।

