मार्कण्डेय महादेव मंदिर के संगम घाट पर बदहाली: सीढ़ियों पर जमा सिल्ट, शौचालय ध्वस्त, महिलाओं के लिए कपड़ा बदलने का नहीं इंतजाम
चौबेपुर (जनवार्ता): स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक मार्कण्डेय महादेव मंदिर के संगम घाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। घाट की सीढ़ियों पर बड़ी मात्रा में सिल्ट (कीचड़) जमा होने से श्रद्धालुओं का आवागमन बेहद दुश्वार हो गया है।


वहीं, प्रशासन द्वारा पूर्व में स्थापित शौचालय पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है, जिसके चलते श्रद्धालु खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। सबसे गंभीर समस्या महिला श्रद्धालुओं के सामने है। संगम में स्नान के बाद कपड़ा बदलने के लिए कोई उचित एवं सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। फिलहाल चारों ओर कपड़ा लगाकर एक अस्थायी और अत्यंत तंग जगह बना दी गई है, जहां महिलाओं को बेहद असुविधा और संकोच के साथ कपड़े बदलने पड़ रहे हैं। इस अस्थायी इंतजाम में न तो पर्याप्त जगह है और न ही कोई अन्य आवश्यक सुविधा।
मौके पर मौजूद जनवार्ता प्रतिनिधि दुर्गेश कुमार यादव से बातचीत में श्रद्धालुओं ने अपनी नाराजगी साफ तौर पर जाहिर की। एक श्रद्धालु ने बताया, “यहां सीढ़ियों पर काफी सिल्ट जमा है, जिससे चलना मुश्किल हो रहा है। शौचालय भी टूटा हुआ है, जिसके चलते हमें खुले में जाना पड़ता है, जबकि प्रशासन ने पहले शौचालय की व्यवस्था की थी, लेकिन वह अब खराब पड़ा है।”
महिला श्रद्धालुओं ने कपड़ा बदलने के ठोस प्रबंध न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक छोटे से तम्बूनुमा ढांचे में कपड़ा बदलना बेहद मुश्किल भरा और शर्मनाक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक ड्रेसिंग रूम (कपड़ा बदलने के कमरे) का निर्माण कराया जाए। साथ ही घाट की सफाई कराकर सिल्ट हटाया जाए और ध्वस्त शौचालय की मरम्मत कराई जाए, ताकि आस्था लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं, मंदिर के एक पुजारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नशेड़ी अराजक तत्वों ने शौचालय को तोड़-फोड़कर उसके सामान को चुरा लिया और उसे बेचकर हीरोइन जैसे नशे का सेवन किया। इस संबंध में जिला पंचायत अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।

