टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक संगठन एकजुट
22 फरवरी से शुरू होगा आंदोलन
वाराणसी (जनवार्ता) । सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने तथा पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य होगा। जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना होगा, अन्यथा नौकरी पर गंभीर संकट मंडरा सकता है। इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों की नाराजगी को देखते हुए विभिन्न शिक्षक संगठन एक मंच पर आ गए हैं।


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ नेता सनत कुमार सिंह ने बताया कि टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा की अगुवाई में रविवार को लखनऊ के शिक्षक भवन में हुई बैठक में साझा रणनीति तय की गई। संगठनों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है।
आंदोलन 22 फरवरी से शुरू होगा, जब पूरे प्रदेश में एक्स (पूर्व ट्विटर) पर हैशटैग अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर नियमित शिक्षण कार्य करेंगे। 26 फरवरी को सभी जिलों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा। धरने के बाद बीएसए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। मार्च के तीसरे सप्ताह में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सनत कुमार सिंह ने कहा, “टीईटी अनिवार्यता से पुराने शिक्षकों पर अन्याय हो रहा है, जो वर्षों से सेवा दे रहे हैं। सभी संगठनों की एकजुटता शिक्षक हित में है।” इस आंदोलन में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ तथा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी शामिल हैं।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि यह फैसला शिक्षा की गुणवत्ता के नाम पर अनुभवी शिक्षकों की नौकरियों को खतरे में डाल रहा है। वे केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट दी जाए। आंदोलन की सफलता के लिए सभी शिक्षकों से एकजुट होने की अपील की गई है।

