वाराणसी : लोहता के कोटवां गांव में छत से कचरा और गंदा पानी फेंकने की घटना ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश
वाराणसी (जनवार्ता) । लोहता थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोटवां में कुछ घरों से छतों और बालकनियों पर से राहगीरों पर नियमित रूप से गंदा पानी, मांस-हड्डी के अवशेष, पान-गुटखा थूकने और कचरा फेंकने की घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में दहशत और रोष का माहौल पैदा कर दिया है। आरोप है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है, जिससे संकरी गलियों में आवाजाही बेहद असुरक्षित और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

एक राहगीर, जो अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे थे, उनके ऊपर छत से गंदा पानी फेंक दिया गया। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बताया कि मीट-मांस के टुकड़े गली में फेंके जाते हैं, खिड़कियों से पान थूककर लोगों को परेशान किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरने वाली महिलाएं, स्कूली बच्चे और आम लोग पहले भी कई बार ऐसी हरकतों का शिकार हो चुके हैं। विरोध करने पर विवाद बढ़ जाता है, इसलिए ज्यादातर लोग चुप रहकर सहन कर लेते हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि स्कूली बच्चों की ड्रेस और बैग गंदे हो जाते हैं, गंदे कपड़ों का पानी सीधे गली में गिराया जाता है, जिससे बदबू और अस्वच्छता फैल रही है। क्षेत्र में डर का माहौल है और लोग सुरक्षित आवाजाही की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और गांव में शांति बनी रहे।
एसीपी संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत मिल चुकी है और गलत कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जांच पूरी कर उचित कानूनी एक्शन लेने का आश्वासन दिया है।
यह घटना सार्वजनिक स्वच्छता, पड़ोसियों के बीच सम्मानजनक व्यवहार और सामुदायिक सद्भाव के महत्व को उजागर करती है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन त्वरित और प्रभावी कदम उठाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि गांववासियों को बिना डर के गलियों से गुजरने का अधिकार मिल सके।

