अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
50 लाख की ठगी का अनुमान
वाराणसी (जनवार्ता): प्रतिबिंब सेल टीम और साइबर सेल ने सारनाथ पुलिस के सहयोग से एक सक्रिय अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के तीन सदस्यों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में करीब 50 लाख रुपये की ठगी का अनुमान लगाया है।

गिरफ्तार आरोपियों में बलिया निवासी अनीश वर्मा, देवघर (झारखंड) के पुरुषोत्तम कुमार और टुकटुक कुमार पंडित शामिल हैं। ये लोग फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर क्रेडिट कार्ड बनाने या लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों को लुभाते थे। इच्छुक व्यक्तियों से मोबाइल नंबर, पैन कार्ड और बैंक विवरण प्राप्त करने के बाद वे आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड के नाम से हूबहू दिखने वाली फर्जी एपीके फाइल भेजते और इंस्टॉल करवाते थे।
इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित के मौजूदा क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स हासिल करते और एपीके के माध्यम से मोबाइल से ओटीपी व एसएमएस “आईसीआईसीआई एडमिन” ऐप पर फॉरवर्ड कर लेते थे। प्राप्त ओटीपी से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, वॉलेट ट्रांसफर या वर्चुअल कार्ड जनरेट कर धन निकाल लेते थे। गिरोह फर्जी सिम कार्ड और बार-बार बदले जाने वाले मोबाइल उपकरणों का इस्तेमाल करता था। ठगी से प्राप्त राशि को विभिन्न वॉलेट के माध्यम से रेंट पे सुविधा लेकर बैंक खातों में ट्रांसफर करता या सीधे ऑनलाइन खरीददारी करता था।
आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड और 200 से अधिक एपीके फाइलें बरामद हुई हैं। पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ वर्ष 2020 में लखनऊ पूर्वी साइबर थाने और 2025 में देवघर (झारखंड) साइबर क्राइम थाने में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111, 318, 318(4), 319, 336, 338, 340 तथा आईटी एक्ट की धारा 660, 43, 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी मनोज तिवारी, प्रतिबिंब सेल प्रभारी एसआई हिमांशु त्रिपाठी, एसआई बुधराज, आरक्षी अंकित कुमार गुप्ता, आदर्श आनंद सिंह, जावेद अख्तर और देवेंद्र प्रताप सिंह शामिल थे।

