सत्य एवं संतुलित रिपोर्टिंग आज की जरूरत
लुम्बिनी (नेपाल) से पहुंचे पत्रकारों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने पर की चर्चा

वाराणसी (जनवार्ता) । काशी पत्रकार संघ के परिसर में भारत-नेपाल की पत्रकारिता एवं सांस्कृतिक मित्रता एक बार फिर जीवंत होती दिखाई दी। रविवार को लुम्बिनी प्रेस क्लब एवं महाराजगंज प्रेस क्लब के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल पराड़कर स्मृति भवन पहुंचा, जहाँ दोनों देशों के पत्रकारों ने आपसी संवाद के माध्यम से न केवल पेशेवर चुनौतियों पर चर्चा की, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित किया। बैठक में संवाद का केंद्र पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, फेक न्यूज़ की चुनौती, डिजिटल मीडिया के प्रभाव और सीमावर्ती क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के विशेष अनुभव रहे। दोनों देशों के पत्रकारों ने बताया कि सत्य और संतुलित रिपोर्टिंग आज पत्रकारिता की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

लुम्बिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल राय मांझी ने लुम्बिनी-वाराणसी के बीच सदियों से चले आ रहे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों पर भी विस्तार से चर्चा की। महाराजगंज प्रेस क्लब के अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने कहा कि बुद्ध की जन्मभूमि लुम्बिनी और उनके प्रथम उपदेश की भूमि काशी, दोनों शहर लंबे समय से सांस्कृतिक आदान-प्रदान के प्रतीक रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक जुड़ाव को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। चर्चा के दौरान भारत-नेपाल मैत्री संबंधों को और सुदृढ़ करने, मीडिया के आपसी सहयोग को बढ़ाने और सांस्कृतिक एवं पत्रकारों मुद्दे पर होने वाले कार्यक्रमों में सहभागी बनने की योजनाओं पर भी सकारात्मक विचार प्रस्तुत किए गए।
काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे संवाद आगे भी होते रहेंगे, जिससे दोनों देशों के मीडिया के बीच विश्वास, समझ और सहयोग की नई राहें खुलेंगी। पूर्व अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्त ने कहा कि इस बैठक से सिर्फ दो देशों के पत्रकारों के बीच संवाद का अवसर बना, बल्कि पत्रकारों के बीच आपसी एकजुटता, सदभाव और प्रेम को बढ़ावा मिलेगा। संचालन मंत्री अश्वनी श्रीवास्तव ने किया। बैठक में संघ के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र नारायण तिवारी, सुनील शुक्ला, वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रूपानी, मंत्री विनय शंकर सिंह, राममिलन श्रीवास्तव, शंकर चतुर्वेदी, अमित शर्मा, लुम्बिनी प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष दीपेन्द्र बडवाल, दीपक घिमिरे, प्रकाश न्यौपाने, विष्णु भट्टराई, रविन्द्र प्रताप गुप्ता, भीम भंडारी, मो॰ हबीब, माधव दुणाना, दीपेश पछाई, कुलमणि ज्ञवाली, शारदा मल्य, कृष्ण प्रसाद ठकाल, जयकेश एवं महाराजगंज प्रेस क्लब से जुड़े आलोक जोशी, सुदेश त्रिपाठी, अंगद शर्मा, रोहित कन्नौजिया आदि मौजूद थे।

