8.38 लाख की ठगी के दो आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता)। पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इन पर रामनगर के मछरहट्टा बाजार निवासी व्यवसायी अनूप गुप्ता के बैंक खाते को हैक कर 8,38,402 रुपये की साइबर ठगी का आरोप है।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी जांच के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागेश्वर मंडल (30 वर्ष, मूल निवासी जामताड़ा, झारखंड) और अक्षय मंडल उर्फ पिंटू (24 वर्ष, मूल निवासी जामताड़ा, झारखंड) के रूप में हुई है। दोनों हाल में पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के भादुर क्षेत्र में रह रहे थे।
एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना के अनुसार, 5 जनवरी को अनूप गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में धारा 318(4) BNS और धारा 66D आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। डिजिटल फुटप्रिंट से जामताड़ा के तार जुड़े मिले, लेकिन आरोपियों के पश्चिम बंगाल में छिपे होने की सूचना पर वहां दबिश दी गई और उन्हें बनारस ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठग एक खतरनाक तकनीक अपनाते थे। वे बैंक या आरटीओ चालान से जुड़े फर्जी डिजिटल फ्लायर बनाते और उनमें ट्रोजन आधारित मैलिशियस एपीके फाइल अटैच कर भेजते थे। पीड़ित के फोन में इंस्टॉल होते ही यह फाइल ट्रोजन की तरह काम करती, जिससे ठगों को फोन का पूरा नियंत्रण, सभी एसएमएस, OTP और बैंकिंग डिटेल्स मिल जाते थे।
फिर वे एसएमएस बॉम्बर से सैकड़ों मैसेज भेजकर यूजर को कन्फ्यूज करते और इसी बीच बैंकिंग ट्रांजेक्शन पूरा कर लेते थे। ठगी की रकम टेलीग्राम बॉट के जरिए म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर की जाती और कार्डलेस पेमेंट से नकद निकाल ली जाती थी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 आईफोन (कीमत लगभग 5.5 लाख रुपये), 9 एंड्रॉयड मोबाइल (कीमत लगभग 3 लाख रुपये) और 1,52,100 रुपये नकद बरामद किए। नागेश्वर मंडल पर पहले भी जामताड़ा (झारखंड) में 2021 में साइबर अपराध का केस दर्ज है।

