वाराणसी: गौ माता पहले से माता हैं, दर्जा देने की जरूरत नहीं
अखिलेश करते हैं ढोंग : केशव मौर्य
वाराणसी (जनवार्ता) । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने काशी में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा जाहिर की है। उन्होंने शंकराचार्य को “भगवान शंकराचार्य” बताते हुए कहा कि उनका स्थान सर्वोच्च है। केशव मौर्य ने कहा, “शंकराचार्य जी कहीं भी जाएंगे, हम उनका स्वागत करने को तैयार हैं। एक रामभक्त के नाते मैं स्वयं उनका अभिनंदन करने के लिए उत्सुक हूं।”

वाराणसी एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान गौ-रक्षा पर जोर देते हुए केशव मौर्य ने कहा, “उत्तर प्रदेश में अब कानून का शासन है। गो माता के प्रति सरकार और जनता की अटूट आस्था है। किसी भी अपराधी या हत्यारे की इतनी हैसियत नहीं कि गो माता को खरोंच भी पहुंचा सके।” उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ माता पहले से ही माता हैं, उनके शरीर में 35 करोड़ देवी-देवताओं का वास है, इसलिए उन्हें अलग से राज्य माता का दर्जा देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा हमला बोलते हुए केशव मौर्य ने उन्हें “सबसे बड़ा ढोंगी” करार दिया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में रामभक्तों, शिवभक्तों और गौ-भक्तों का दमन किया गया, जबकि गौ-तस्करों को संरक्षण मिला। हिंदुओं पर अत्याचार और मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति अपनाई गई। केशव मौर्य ने आरोप लगाया, “अखिलेश जब शंकराचार्य जी का समर्थन दिखाते हैं तो यह महज राजनीतिक ढोंग है, ताकि हिंदू वोट मिल सकें। सपा और कांग्रेस के ऐसे बयान केवल वोट की राजनीति के लिए होते हैं।”
भाजपा के भविष्य को लेकर केशव मौर्य ने दृढ़ विश्वास जताया। उन्होंने कहा, “विकास और सुशासन के दम पर 2047 तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी रहेगी। कोई भी विपक्षी गठबंधन इसे डिगा नहीं पाएगा।”
यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच गौ-संरक्षण, गौ-हत्या पर रोक, माघ मेले से जुड़े विवादों और अन्य मुद्दों पर मतभेद जारी हैं। केशव मौर्य लगातार शंकराचार्य के प्रति सम्मान जाहिर करते रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख से अलग अपनी अलग छवि गढ़ते दिख रहे हैं।

