वाराणसी : जिलाधिकारी ने किया रोपवे परियोजना की प्रगति का निरीक्षण
रथयात्रा स्टेशन का फिनिशिंग कार्य 15 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी को देश का पहला शहरी सार्वजनिक रोपवे सिस्टम देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शुक्रवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से रथयात्रा स्टेशन पर भौतिक प्रगति, सिविल वर्क्स, फिनिशिंग गतिविधियों और परिचालन तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की।

नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अभियंताओं ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि रोपवे की कुल लंबाई 3.85 किलोमीटर है, जो वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन को गोदौलिया चौक से जोड़ेगी। इसकी अधिकतम क्षमता प्रतिदिन 3,000 यात्रियों की है और यह 16 घंटे संचालित होगा। पूरी दूरी मात्र 15 मिनट में तय की जा सकेगी। निरीक्षण के समय परियोजना की भौतिक प्रगति 91.40 प्रतिशत दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ने स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुगम आवाजाही, प्रवेश-निकास व्यवस्था, सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विस्तृत चर्चा की। सुरक्षा के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी), हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएमडी), टर्नस्टाइल गेट्स सहित आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था पर जोर दिया गया। इसके अलावा फूड कोर्ट, वाणिज्यिक स्थलों की योजना, मौजूदा पार्किंग सुविधाओं की समीक्षा और भविष्य में चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग प्रस्तावों पर जानकारी ली गई।
स्टेशन पर स्थापित सौर ऊर्जा प्रणाली की क्षमता 120 किलोवाट बताई गई, जो पर्यावरण-अनुकूल परियोजना का प्रमाण है। गोंडोला की आवाजाही, यात्रियों के चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया और अंतिम फिनिशिंग कार्यों पर विस्तृत जानकारी ली गई। एनएचएलएमएल के अभियंताओं ने बताया कि रथयात्रा स्टेशन पर अंतिम रूप देने का कार्य 15 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कार्यदायी एजेंसी को सख्त निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना काशी की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगी तथा शहर की सौंदर्यता को नई ऊंचाई देगी।

