वाराणसी : डीएम बने छात्रों के ‘गुरु’,
परीक्षा पे चर्चा में दिए सफलता के कारगर मंत्र
वाराणसी (जनवार्ता) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ अभियान के अंतर्गत जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में वाराणसी के जिलाधिकारी श्री सत्येंद्र कुमार ने गुरु की भूमिका निभाते हुए बोर्ड परीक्षार्थियों को प्रेरित और मार्गदर्शन किया। पीएमश्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में आयोजित इस जनपदीय ‘परीक्षा पे चर्चा-2026’ कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया तथा परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए व्यावहारिक और उपयोगी टिप्स साझा किए।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्कूलों से बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि पढ़ाई में अभ्यास और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण हैं। जो छात्र नियमित रूप से तैयारी करते हैं, उन्हें परीक्षा के अंतिम दिनों में तनाव बहुत कम होता है। उन्होंने परीक्षा के दौरान होने वाली घबराहट, तनाव और अवसाद जैसी सामान्य समस्याओं को स्वीकार करते हुए उनके प्रभावी समाधान भी बताए।
जिलाधिकारी ने सफलता के लिए निरंतर पुनरावृत्ति करने की सलाह दी ताकि विषय दिमाग में मजबूती से बैठ जाए। संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद पूरी करना जरूरी है क्योंकि स्वस्थ शरीर ही मजबूत मन देता है। समय-सारिणी बनाकर छोटे-छोटे अध्ययन सत्रों में पढ़ाई करने से दबाव कम होता है। रटने की बजाय विषय को गहराई से समझने पर फोकस करना चाहिए। प्रश्नपत्र को ध्यान से पढ़ें और पहले आसान सवाल हल करें। अनुशासन और नियमित अध्ययन से तनाव से मुक्ति मिलती है। कठिन परिश्रम के साथ आत्मविश्वास बनाए रखना सफलता का मूल सूत्र है।
जिलाधिकारी ने अपने छात्र जीवन और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान झेले गए संघर्षों की व्यक्तिगत कहानियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी के पास अपने भविष्य को संवारने का सुनहरा अवसर है। कई बच्चे ऐसे अवसरों से वंचित रह जाते हैं, इसलिए इस मौके का पूरा सदुपयोग करें।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने भी छात्रों से परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। इस अवसर पर डीआईओएस भोलेंद्र प्रताप सिंह, राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के प्राचार्य सुमित श्रीवास्तव तथा अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास जगाने और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने में सहायक साबित हुआ। वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सराहनीय कदम हैं।

