वाराणसी : अमेरिका-इज़राइल की ईरान कार्रवाई के विरोध में मौन उपवास और धरना
वाराणसी (जनवार्ता)। ईरान पर अमेरिका और इज़राइल द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के विरोध में साझा संस्कृति मंच, वाराणसी के आह्वान पर रविवार को अम्बेडकर पार्क, कचहरी में एक दिवसीय मौन उपवास और धरना आयोजित किया गया। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला, जिसमें शहर के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों, नागरिकों और गणमान्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।


मंच के जारी वक्तव्य में कहा गया कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के बीच बिना युद्ध घोषणा के ईरान पर एकतरफा सैन्य हमला, ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता की हत्या तथा एक स्कूल और अस्पताल पर हमले में 150 से अधिक छोटी बच्चियों की मौत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। यह कार्रवाई, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई, अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रही है।
वक्तव्य में वेनेज़ुएला के खिलाफ अमेरिकी हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव की भी निंदा की गई। साथ ही ग्रीनलैंड पर कब्जे, पनामा नहर पर नियंत्रण, कनाडा को 51वां राज्य बनाने और गाजा को “अमेरिकी रिविएरा” बनाने जैसी धमकियों को अमेरिका की अलोकतांत्रिक नीतियों का उदाहरण बताया गया।
मंच ने भारत पर अमेरिकी दबाव—like रूसी तेल आयात रोकने की मांग, व्यापार समझौतों में टैरिफ की धमकी और भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने के नाम पर 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी—को साम्राज्यवादी दबाव की कड़ी करार दिया। ऐसे दबावों के सामने भारत सरकार के रुख को देश की स्वतंत्र विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के लिए हानिकारक बताया।
साझा संस्कृति मंच ने याद दिलाया कि महात्मा गांधी और पंडित नेहरू के नेतृत्व में भारत का स्वतंत्रता संग्राम साम्राज्यवाद-विरोधी संघर्ष, विविधता में एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक रहा है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी अंतरराष्ट्रीय शांति, न्यायपूर्ण संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान का निर्देश देता है।
मंच ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल युद्ध रोकने और विश्व में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने की अपील की। रमज़ान के पवित्र महीने में जब मध्य पूर्व में खून-खराबा जारी है, तब वाराणसी के लोगों ने सद्भाव, भाईचारे और शांति की प्रार्थना के लिए एकजुट होकर संदेश दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से फादर आनंद, जागृति राही, रामधीरज, रामजन्म, सतीश सिंह, डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, रामजी प्रसाद गुप्ता, विशाल तिवारी, राजेंद्र प्रसाद, सिस्टर फ्लोरिन, गीता देवी, सिस्टर मैरी, ममता, धन्नजय, महेंद्र राठौर, जितेंद्र यादव, अनिल कुमार, रवि शेखर, एकता सिंह, नीति, अनामिका, मोहम्मद आसिम, प्रेम नट, कृष्णा, दिव्यांश, रुम्मान, सुनीता, सारा, एडवोकेट अबु हाशमी, एडवोकेट लोकेश कुमार सिंह, अशोक सिंह, जुबेर खान बागी, सुरेंद्र चरन, राजकुमार गुप्ता, सूर्य बली राम, एडवोकेट अब्दुला खालिद सहित अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

