वाराणसी: निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से किशोर मजदूर की मौत, ग्रामीणों ने थाने घेरा; पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम
वाराणसी (जनवार्ता)। सारनाथ थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान की शटरिंग अचानक ढह जाने से 16 वर्षीय मजदूर विकास उर्फ विक्की राजभर की मौत हो गई। इस दुखद हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए सारनाथ थाने का घेराव कर लिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

यह घटना 3 मार्च को हुई थी, जब होली से एक दिन पहले घुरहूपुर निवासी विक्की राजभर सहित कुछ मजदूरों को स्थानीय शुभम राजभर ने नई बाजार पतेरवाँ स्थित एक निर्माणाधीन मकान पर काम के लिए बुलाया। मजदूरों ने मिट्टी गीली और कच्ची होने के कारण काम करने से मना कर दिया था। मकान मालिक बमबम सिंह ने कथित तौर पर कट्टे से धमकाकर उन्हें जबरदस्ती काम पर लगाया। इसी दौरान छत की शटरिंग ढह गई, जिससे विक्की राजभर, संदीप राजभर, दशरथ और शुभम राजभर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विक्की को मृत घोषित कर दिया। शुभम राजभर की कमर में फ्रैक्चर हुआ है और वह अभी इलाजरत है।
मृतक के पिता दिनेश राजभर ने मकान मालिक बमबम सिंह, ठेकेदार रियाज अहमद और शटरिंग करने वाले शुभम राजभर के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन हादसे के 10 दिन बीत जाने के बावजूद कोई गिरफ्तारी न होने से परिवार और ग्रामीण भड़क उठे। मृतक के परिजनों, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने थाने पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस आरोपी पक्ष को बचाने की कोशिश कर रही है। सूचना मिलते ही कार्यवाहक थाना प्रभारी अजय शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत करते हुए 48 घंटे के अंदर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
हादसे के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया। जांच में पाया गया कि यह निर्माण बिना नक्शा पास कराए और अवकाश के दिन किया जा रहा था। वीडीए ने भवन मालिक को सख्त चेतावनी दी कि दोबारा निर्माण करने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

