वाराणसी: VDA का गरजा बुलडोजर, रामनगर–कटारिया में 52 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, FIR दर्ज
वाराणसी (जनवार्ता) । वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने शहर में तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को जोन-3 और जोन-5 में एक साथ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्रवर्तन दल ने करीब 52 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान रामनगर और कटारिया क्षेत्रों में अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ नामजद FIR भी दर्ज कराई गई।

रामनगर–कटारिया में सख्त कार्रवाई, कॉलोनाइजरों पर FIR
जोन-5 के रामनगर क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग पर प्रशासन ने सबसे कड़ा प्रहार किया। रामनगर वार्ड के अंतर्गत मौजा कटारिया में रजनीश सिंह द्वारा करीब 8 बीघा, मौजा चौराहत में अवसफ अहमद द्वारा 5 बीघा और मौजा जिवधिपुर में पप्पू यादव द्वारा 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया। जोन-5 में कुल 23 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्राधिकरण ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराकर कड़ा संदेश दिया।
जोन-3 में भी चला बुलडोजर
जोन-3 के वार्ड दशाश्वमेध में मौजा गंगापुर, कल्लीपुर और शाइन सिटी में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई हुई। गंगापुर में आलोक रंजन द्वारा 4 बीघा और विपिन सिंह द्वारा 3 बीघा, कल्लीपुर में 2 बीघा, जबकि शाइन सिटी क्षेत्र में लगभग 20 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। जोन-3 में कुल 29 बीघा पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27 के तहत कार्रवाई की गई।
भारी पुलिस बल की तैनाती
अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। जोनल अधिकारी रविंद्र प्रकाश और अशोक त्यागी के नेतृत्व में अवर अभियंता आदर्श निराला, संजय तिवारी, राजू कुमार समेत प्रवर्तन टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि शहर के सुनियोजित विकास से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
आमजन के लिए VDA की अपील
ध्वस्तीकरण के साथ ही VDA ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें—
लैंडयूज आवासीय होना चाहिए।
प्लॉट तक जाने वाले रास्ते की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर अनिवार्य है।
बिना ले-आउट/मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त या निर्माण न करें।

