VIP दर्शन ने रोका आम आदमी का रास्ता!
चौक में घंटों जाम, नो-व्हीकल जोन बना मज़ाक
चौक क्षेत्र शुक्रवार को वीआईपी मूवमेंट की भेंट चढ़ गया। नो-व्हीकल जोन के बावजूद वीआईपी गाड़ियों की बेरोकटोक एंट्री ने यातायात व्यवस्था की कमर तोड़ दी। नतीजा—घंटों तक भीषण जाम, कराहते श्रद्धालु और हलकान स्थानीय लोग।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के नाम पर आईं चारपहिया वीआईपी गाड़ियां बीच सड़क पर खड़ी कर दी गईं, और चालक-सवार बेफिक्र होकर मंदिर में चले गए। संकरी गलियों में फंसे वाहन रेंगते रहे, पैदल चलना तक दूभर हो गया।
जाम में फंसे बुजुर्ग श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे बेहाल दिखे, वहीं व्यापारी हाथ पर हाथ धरे नुकसान गिनते रहे। पुलिसकर्मी पसीना बहाते रहे, मगर वीआईपी दबाव के आगे यातायात व्यवस्था बेबस नजर आई।
स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका कहना है कि **जब आम जनता के लिए नियम हैं, तो वीआईपी के लिए क्यों नहीं?
नो-व्हीकल जोन अगर सिर्फ कागज़ों में है तो उसका क्या मतलब?
सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या बाबा विश्वनाथ के दरबार में भी वीआईपी और आम श्रद्धालु के लिए अलग-अलग नियम हैं?
अगर यही हाल रहा, तो व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?

