जल पुलिस ने धुआं फैलाने वाली मोटरबोट और बजड़ा किया सीज
वाराणसी (जनवार्ता) । मोक्षदायिनी मां गंगा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर जल पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। दशाश्वमेध घाट के पास प्रदूषण फैला रहे एक मोटरबोट और एक बजड़े को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई गंगा की स्वच्छता से खिलवाड़ करने वाले लापरवाह संचालकों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।
बीते कुछ दिनों से दशाश्वमेध घाट समेत आसपास के प्रमुख घाटों पर चल रहे जलयानों से निकलने वाले काले और जहरीले धुएं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने गंगा की पवित्रता और घाटों की आबोहवा खराब होने की बात उठाई थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जल पुलिस ने विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
जांच के दौरान पाया गया कि कुछ नाव और मोटरबोट संचालक खराब गुणवत्ता वाले ईंधन का उपयोग कर रहे थे और उनके इंजनों की फिटनेस भी मानकों के अनुरूप नहीं थी। नियमों का खुला उल्लंघन मिलने पर जल पुलिस ने मौके पर ही एक मोटरबोट और एक बड़े बजड़े को जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान एक अन्य मोटरबोट संचालक को नियमों की अनदेखी करते हुए पाया गया, जिसे अंतिम चेतावनी देते हुए छोड़ा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोबारा उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जल पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर है। इसके संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जलयान संचालकों को मानक ईंधन के उपयोग और समय-समय पर वाहनों की फिटनेस जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगे भी यदि गंगा में प्रदूषण फैलाने की कोशिश की गई, तो कार्रवाई और अधिक कठोर होगी।


