राजातालाब में महिलाओं ने की शराबबंदी की जोरदार मांग
महिला दिवस पर तीन हजार ग्रामीण महिलाओं ने निकाली जन आक्रोश रैल
वाराणसी (जनवार्ता): अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राजातालाब में हजारों ग्रामीण महिलाओं ने घरेलू हिंसा, छेड़खानी और शराब की बिक्री के खिलाफ सड़कें संभालीं। आराजी लाइन व सेवापुरी ब्लॉक के करीब 80 गांवों से लगभग तीन हजार महिलाएं रैली में शामिल हुईं, जिससे जीटी रोड पर जाम लग गया।


ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ बाजार से तहसील तक पहुंची रैली में महिलाओं ने कहा—“शराब बेचना बंद करो”, “हिंसा नहीं सहना है”, “छेड़खानी पर रोक लगाओ”। उनका मुख्य मुद्दा था—शराब की लत से बढ़ रही घरेलू हिंसा और उत्पीड़न पर रोक के लिए यूपी में पूर्ण शराबबंदी।
तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उप जिलाधिकारी शांतुन कुमार सिनसिनवार को राष्ट्रपति के नाम 13 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा, जिसमें महिला हिंसा रोकथाम, बाल विवाह उन्मूलन और रोजगार अधिकार प्रमुख थे।
डाक बंगले में हुई महिला महापंचायत में जागृति राही, रंजू सिंह और अनीता पटेल ने कहा—“महिलाओं को संगठित होकर अधिकारों के लिए लड़ना होगा। शराब परिवार बर्बाद कर रही है, सरकार सख्त कदम उठाए।”
घरेलू कामगार महिला स्वयं सहायता समूह, लोक समिति, आशा ट्रस्ट आदि के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन ने ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और एकजुटता का मजबूत संदेश दिया। ग्राम प्रधानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे और प्रभावशाली बनाया।

