मंदिरों के फूलों से संवर रही महिलाओं की जिंदगी
110 मंदिरों से रोज एक टन फूल-पत्तियां जुटाकर बनाए जा रहे पूजा उत्पाद
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी के मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती, धूप और हर्बल गुलाल तैयार किए जा रहे हैं। नगर निगम और ईजी हेल्प संस्था की इस पहल से करीब 80 महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की जानकारी दी गई है।
संस्था की कोमल सिंह के अनुसार, ‘पुष्प-रथ’ के जरिए करीब 110 मंदिरों से प्रतिदिन एक हजार किलो फूल-पत्तियां एकत्र की जाती हैं। इन्हें सुखाकर और पीसकर विभिन्न उत्पाद बनाए जाते हैं। शुरुआत 10 मंदिरों से हुई थी।
कोमल सिंह के मुताबिक, इस काम से जुड़ी महिलाएं हर महीने आठ से दस हजार रुपये तक कमा रही हैं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उपयोगी बताया।


