कोडीन कफ सिरप तस्करी कांड: भदोही एसआईटी ने वाराणसी की पूजा तिवारी के खिलाफ जारी किया लुकआउट नोटिस
भदोही (जनवार्ता)। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच तेज हो गई है। एसआईटी ने वाराणसी स्थित पूर्णा फार्मा की संचालिका पूजा तिवारी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि पूजा तिवारी विदेश भाग सकती हैं, इसलिए उनका पासपोर्ट जब्त करने की तैयारी भी चल रही है।

मामले से जुड़े पांच अन्य फर्म संचालकों के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन आरोपियों पर पहले ही 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि तस्करी गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल, जो वाराणसी के प्रहलाद घाट क्षेत्र का निवासी है और फिलहाल फरार है, उसकी फर्म शैली ट्रेडर्स रांची से भदोही जिले की पांच फर्मों ने 10 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था।
18 नवंबर 2025 को लखनऊ से प्राप्त इनपुट के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम ने चौरी, महराजगंज और भदोही थानों में छह फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद 8 दिसंबर को एसआईटी ने नोटिस जारी किया, लेकिन आरोपित निर्धारित समय पर हाजिर नहीं हुए। 18 जनवरी को पुलिस अधीक्षक ने इनाम घोषित किया।
वाराणसी, सोनभद्र, भदोही और गाजियाबाद तक फैले इस तस्करी नेटवर्क की जांच अब राष्ट्रीय स्तर पर एसटीएफ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रही है। जांच में फर्जी फर्मों और क्रॉस-बॉर्डर लिंक के सुराग मिले हैं तथा नए खुलासे लगातार हो रहे हैं।
कार्रवाई के दायरे में आने वाले फर्म संचालक हैं- वाराणसी के गोला दीनानाथ कबीरचौरा निवासी मेसर्स राजेंद्र एंड संस की प्रोपराइटर अंशिका गुप्ता, पियरी कला निवासी दिलीप मेडिकल स्टोर, जगतगंज निवासी गुरुदेव मेडिकल एजेंसी के संचालक अमन कुमार, पियरी कला एवं महराजगंज तिऊरी स्थित ओपी फार्मा के संचालक ओमप्रकाश कसेरा तथा मर्यादपट्टी स्थित मेसर्स महेंद्र मेडिकल एजेंसी के संचालक संजीव गुप्ता।

